राजनीति

राजीव गांधी की जयंती पर वीरभूमि पहुंचे कांग्रेस के दिग्गज, पीएम मोदी ने भी दी श्रद्धांजलि

राजीव गांधी की जयंती पर वीरभूमि पहुंचे कांग्रेस के दिग्गज, पीएम मोदी ने भी दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती के मौके पर गुरुवार को कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली स्थित उनके समाधि स्थल ‘वीरभूमि’ पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं ने राजीव गांधी को याद किया।

राजीव गांधी की जयंती हर साल 20 अगस्त को ‘सद्भावना दिवस’ के रूप में मनाई जाती है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी।

कांग्रेस ने राजीव गांधी के योगदान को किया याद

कांग्रेस के सोशल मीडिया हैंडल से राजीव गांधी को याद करते हुए कहा गया कि आधुनिक भारत के निर्माण में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।

सद्भावना दिवस का उद्देश्य शांति, मेल-मिलाप, राष्ट्रीय एकता और समाज के सभी वर्गों के बीच भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना है। यह दिन जाति, पंथ और धर्म से ऊपर उठकर आपसी सद्भाव और एकता के संदेश को मजबूत करने के लिए मनाया जाता है।

पीएम मोदी ने भी दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राजीव गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पूर्व प्रधानमंत्री को याद किया और उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।

क्यों मनाया जाता है सद्भावना दिवस?

राजीव गांधी की जयंती को सद्भावना दिवस के रूप में मनाने के पीछे राष्ट्रीय एकता, शांति और सामाजिक सद्भाव की भावना प्रमुख है। राजीव गांधी के राजनीतिक दृष्टिकोण में युवाओं की भागीदारी, तकनीकी प्रगति और आधुनिक भारत के निर्माण को विशेष महत्व दिया गया।

सद्भावना दिवस लोगों को अलग-अलग जाति, धर्म और समुदायों के बीच आपसी भाईचारे को मजबूत करने और देश की एकता बनाए रखने का संदेश देता है। साथ ही युवाओं को आधुनिक और समावेशी भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करने की भावना भी इससे जुड़ी है।

40 साल की उम्र में बने थे देश के प्रधानमंत्री

इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 में महज 40 वर्ष की उम्र में राजीव गांधी भारत के छठे प्रधानमंत्री बने थे। वे देश के सबसे युवा प्रधानमंत्रियों में रहे।

उनके कार्यकाल को भारत में तकनीकी बदलाव को बढ़ावा देने, युवाओं को सशक्त बनाने और देश को आधुनिक बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों के लिए याद किया जाता है। उनकी जयंती पर हर साल सद्भावना दिवस के माध्यम से शांति, एकता और भाईचारे के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया जाता है।

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