राजनीति

वंदे मातरम् पर कांग्रेस के फैसले को लेकर अमित शाह का हमला, बोले- ‘यह तुष्टिकरण की राजनीति’

वंदे मातरम् पर कांग्रेस के फैसले को लेकर अमित शाह का हमला, बोले- ‘यह तुष्टिकरण की राजनीति’

नई दिल्ली: वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस कार्यसमिति के फैसले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का पार्टी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल दो छंद गाने का फैसला ‘तुष्टिकरण की राजनीति’ को दर्शाता है।

अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने 1937 में मुस्लिमों को खुश करने के लिए वंदे मातरम् को दो हिस्सों में बांटने का फैसला किया था और उनके मुताबिक इसी फैसले ने आगे चलकर देश के विभाजन की परिस्थितियों को मजबूत किया।

‘कांग्रेस ने वंदे मातरम् का अपमान किया’

अमित शाह ने कांग्रेस के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि देश में अब तुष्टिकरण की राजनीति नहीं चलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के लिए कांग्रेस ने न सिर्फ वंदे मातरम् का अपमान किया, बल्कि उन स्वतंत्रता सेनानियों का भी अपमान किया जिन्होंने आजादी के आंदोलन में इस नारे को अपनाया था।

शाह ने दावा किया कि कांग्रेस के 1937 के फैसले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने आजादी के 80 साल बाद सुधारने का काम किया है।

‘सरकार ने पूरा वंदे मातरम् गाने का फैसला किया’

गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने वंदे मातरम् को पूरा गाने का फैसला लेकर राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की कोशिश की है। उनके मुताबिक, सरकार ने सरकारी कार्यक्रमों में पूरे गीत के गायन को लेकर निर्देश भी जारी किए हैं।

शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने बुधवार को अपने कार्यसमिति के फैसले के जरिए मोदी सरकार के इस कदम की अवहेलना की है।

कांग्रेस ने दो पैरा गाने का फैसला किया

दरअसल, कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में बुधवार को फैसला लिया गया कि कांग्रेस के कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के शुरुआती दो पैराग्राफ ही गाए जाएंगे। कांग्रेस का कहना है कि 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति ने इसी व्यवस्था को स्वीकार किया था।

पार्टी के मुताबिक, उस समय महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल समेत कांग्रेस के कई प्रमुख नेता इस निर्णय से जुड़े थे।

पहले भी सामने आ चुका है विवाद

वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच पहले भी राजनीतिक विवाद सामने आते रहे हैं। 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् के पूरे गीत को लेकर भी आरोप-प्रत्यारोप हुए थे। एक कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया था कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को पूरा वंदे मातरम् गाने से रोकने की कोशिश की।

हालांकि, कांग्रेस की ओर से बाद में इन आरोपों को खारिज करते हुए सफाई दी गई थी कि ऐसा कोई प्रयास नहीं किया गया था।

इस नए विवाद के बाद वंदे मातरम् एक बार फिर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है।

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