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हरियाली तीज 15 अगस्त को: पहली बार व्रत रखने वाली महिलाएं जानें पूजा विधि, महत्व और शुभ मुहूर्त

हरियाली तीज 15 अगस्त को: पहली बार व्रत रखने वाली महिलाएं जानें पूजा विधि, महत्व और शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली: सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर हरियाली तीज का पर्व मनाया जाता है। इस साल हरियाली तीज 15 अगस्त, शनिवार को मनाई जाएगी। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन और दांपत्य सुख की कामना से जुड़ा माना जाता है। सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य की कामना से व्रत रखती हैं, जबकि कुंवारी कन्याएं भी मनचाहे वर की कामना से यह व्रत कर सकती हैं।

अगर कोई महिला पहली बार हरियाली तीज का व्रत रखने जा रही है, तो पूजा की परंपरा और शुभ समय की जानकारी पहले से रखना उपयोगी रहेगा।

पहली बार व्रत रखने वाली महिलाएं क्या करें?

हरियाली तीज के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद साफ कपड़े पहनने की परंपरा है। इसके बाद महिलाएं व्रत का संकल्प ले सकती हैं।

इस दिन मेहंदी लगाने और सोलह श्रृंगार करने की भी परंपरा है। कई परिवारों में मायके से सिंधारा भेजा जाता है, जिसमें साड़ी, चूड़ियां, मिठाई और श्रृंगार का सामान आदि शामिल होते हैं। परंपरा के अनुसार महिलाएं सिंधारे में आए वस्त्र और सामान का इस्तेमाल करती हैं। हरे रंग के वस्त्र पहनना भी इस पर्व पर शुभ माना जाता है।

भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा

हरियाली तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। पूजा के दौरान माता पार्वती को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करने की परंपरा है। भगवान शिव को जल, बेलपत्र और फूल आदि चढ़ाए जाते हैं।

व्रत रखने वाली महिलाएं अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा और व्रत करती हैं। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में पूजा की विधि में कुछ अंतर भी देखने को मिलता है।

झूला झूलने की भी है खास परंपरा

हरियाली तीज के दौरान झूला झूलने और पारंपरिक तीज गीत गाने की परंपरा विशेष रूप से लोकप्रिय है। इसे भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन की खुशी से जोड़कर देखा जाता है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा समेत कई क्षेत्रों में तीज के दौरान पेड़ों पर झूले लगाए जाते हैं। झूला झूलना पूजा या व्रत के लिए अनिवार्य धार्मिक नियम नहीं है, बल्कि यह पर्व से जुड़ी लोक परंपरा और उत्सव का हिस्सा है। इसमें सुहागिन महिलाओं के साथ कुंवारी कन्याएं भी शामिल हो सकती हैं।

हरियाली तीज का शुभ मुहूर्त

इस वर्ष तृतीया तिथि की शुरुआत 14 अगस्त, शुक्रवार शाम 6:46 बजे से होगी और इसका समापन 15 अगस्त, शनिवार शाम 5:28 बजे होगा।

पूजा के लिए 15 अगस्त को सूर्योदय से सुबह 9:08 बजे तक का समय शुभ बताया गया है।

हरियाली तीज के दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर दांपत्य सुख, सौभाग्य और परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं। यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ लोक संस्कृति, मेहंदी, झूले और पारंपरिक गीतों से भी जुड़ा हुआ है।

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