हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद ‘शुद्धिकरण’ पर बढ़ा सियासी घमासान; संसद तक पहुंची गूंज, नड्डा बोले- ‘जांच कराएंगे’
हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद ‘शुद्धिकरण’ पर बढ़ा सियासी घमासान; संसद तक पहुंची गूंज, नड्डा बोले- ‘जांच कराएंगे’
हल्द्वानी/नई दिल्ली: उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ‘विजय शंखनाद रैली’ के बाद आयोजित हवन-पूजन और कथित ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। कांग्रेस ने इसे खड़गे के दलित होने से जोड़ते हुए बीजेपी पर दलित विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया है, जबकि आयोजक धार्मिक संगठन ने रैली के दौरान लगे कथित नारों को शुद्धिकरण की वजह बताया है।
1. क्या है विवाद की मुख्य वजह?
रैली और शुद्धिकरण: 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा हुई थी। इसके दो दिन बाद, 10 अगस्त को ‘श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास’ ने उसी मंच और स्थान पर हवन-पूजन व गंगाजल छिड़ककर ‘शुद्धिकरण’ किया।
आयोजकों का पक्ष: संगठन के सदस्य गिरीश चंद्र पांडे का दावा है कि रैली के दौरान कथित रूप से आपत्तिजनक और इस्लामिक नारे लगाए गए थे, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और इसी वजह से यह धार्मिक अनुष्ठान किया गया।
कांग्रेस का बुद्ध पार्क में प्रदर्शन: घटना के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में जोरदार प्रदर्शन किया और इसे सामाजिक वैमनस्य फैलाने की साजिश बताया।
2. संसद में गूंजा मुद्दा: जेपी नड्डा और राज्यसभा चेयरमैन का बयान
विवाद की गूंज संसद तक जा पहुंची, जहां नेताओं ने तीखी प्रतिक्रियाएं दीं:
बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा: केंद्रीय मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा, “जो कुछ भी हुआ वह अत्यंत दुखद है, न केवल खड़गे जी के लिए बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए। भारतीय जनता पार्टी ऐसी चीजों को कतई स्वीकार नहीं करती और हम इस पूरे मामले की जांच कराएंगे।” उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष से यह भी कहा कि इस घटना का सीधा आरोप बीजेपी पर लगाना उचित नहीं है।
राज्यसभा चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन: राज्यसभा चेयरमैन ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि यह हम सभी के लिए पीड़ादायक है। उन्होंने सरकार से दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने को कहा।
3. गणेश गोदियाल का बीजेपी पर हमला
उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा:
”21वीं सदी में भी बीजेपी जातिगत और ऊंच-नीच की संकीर्ण मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाई है। जिस मंच से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जनता को संबोधित किया, उसका शुद्धिकरण किया जाना बेहद आहत करने वाला और निंदनीय है। यह घटना समाज में विभाजन और द्वेष फैलाने का काम करती है।”
गोदियाल ने नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
