राम मंदिर ‘चढ़ावा चोरी’ विवाद: विपक्ष द्वारा जुटाए गए 2.15 लाख रुपये सपा सांसदों ने हनुमान मंदिर में किए जमा
राम मंदिर ‘चढ़ावा चोरी’ विवाद: विपक्ष द्वारा जुटाए गए 2.15 लाख रुपये सपा सांसदों ने हनुमान मंदिर में किए जमा
नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र के दौरान राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर संसद भवन के मकर द्वार पर विपक्ष द्वारा चलाए गए अनोखे विरोध प्रदर्शन का एक नया चरण सामने आया है। विपक्ष द्वारा मकर द्वार पर रखे गए दानपात्र में कुल 2,15,390 रुपये की राशि जमा हुई थी, जिसे समाजवादी पार्टी (SP) के सांसदों ने गुरुवार को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में ले जाकर जमा करा दिया।
1. 2.15 लाख से अधिक की राशि हनुमान मंदिर में जमा
सांसदों ने गिने पैसे: मॉनसून सत्र के आखिरी दिन सपा सांसद रुचि वीरा और अक्षय यादव ने जब दानपात्र में जमा रकम की गिनती की, तो कुल 2 लाख 15 हजार 3 सौ 90 रुपये निकले।
प्रमुख योगदानकर्ता: इस दानपात्र में विपक्ष के प्रमुख नेताओं जैसे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और RJD सांसद मनोज झा समेत कई नेताओं ने सांकेतिक दान दिया था।
सपा का बयान: सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि वे इस रकम को हनुमान मंदिर में इसलिए समर्पित कर रहे हैं क्योंकि बजरंगबली को धर्म का रक्षक माना जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने राम मंदिर तक में चढ़ावे की कथित चोरी की है और इस विषय पर संसद में चर्चा से भागती रही।
2. मकर द्वार पर चला था अनोखा प्रदर्शन
साधु के वेश में पहुंचे थे पप्पू यादव: विरोध प्रदर्शन के दौरान निर्दलीय सांसद पप्पू यादव साधु के वेश में भी नजर आए थे, जिसको लेकर काफी राजनीतिक बयानबाजी हुई थी।
यूपी चुनाव में मुद्दा बनाने की तैयारी: सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने स्पष्ट किया कि विपक्ष संसद के भीतर रोज इस मुद्दे पर चर्चा का नोटिस दे रहा था। अब इस विषय को उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों में जनता के बीच ले जाया जाएगा।
3. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार खींचतान
NDA सांसदों का पलटवार: सत्र के आखिरी दिन एक तरफ जहां विपक्ष चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर नारेबाजी कर रहा था, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसद भी विरोध दर्ज कराने पहुंचे।
झारखंड छात्र लाठीचार्ज का मुद्दा: बीजेपी और एनडीए सांसदों ने झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं (JSSC) में धांधली और छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज का मुद्दा उठाते हुए राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल खड़े किए।
गृह मंत्री का रुख: भाजपा का कहना था कि सरकार जंतर-मंतर लाठीचार्ज और अन्य मुद्दों पर चर्चा कराने व गृह मंत्री के बयान के लिए तैयार थी, लेकिन विपक्ष खुद ही चर्चा से भागता रहा।
