2027 उत्तराखंड विधानसभा चुनाव: भाजपा और कांग्रेस ने कसी कमर; ‘बूथ जीता तो चुनाव जीता’ रणनीति पर जोर
2027 उत्तराखंड विधानसभा चुनाव: भाजपा और कांग्रेस ने कसी कमर; ‘बूथ जीता तो चुनाव जीता’ रणनीति पर जोर
उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी सांगठनिक गतिविधियों को गति देनी शुरू कर दी है। जहां भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी कर ‘हैट्रिक’ बनाने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतर रही है, वहीं कांग्रेस अपनी खोई जमीन वापस पाने और सत्ता में वापसी के लिए रणनीति तैयार कर रही है।
1. प्रमुख दलों की चुनावी रणनीतियां और कार्यक्रम
भारतीय जनता पार्टी (BJP):
दिल्ली में कोर कमेटी बैठक: दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी में उत्तराखंड कोर कमेटी की अहम बैठक में आगामी डेढ़ महीने (अगस्त और सितंबर) का सांगठनिक खाका तैयार किया गया।
अभियान व बैठकें: प्रदेश भर में ‘तिरंगा यात्रा’ और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान चलाया जा रहा है। 16 अगस्त को हल्द्वानी में कुमाऊं मंडल के सभी जिला व मंडल अध्यक्षों की महत्वपूर्ण बैठक तय की गई है। इसके अलावा बूथ सशक्तिकरण और शक्ति केंद्र बैठकों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Congress):
दिल्ली में 17 अगस्त की बैठक: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के अनुसार, 17 अगस्त को दिल्ली में पार्टी आलाकमान के साथ बैठक होगी, जिसमें आगामी एक से डेढ़ महीने की विस्तृत रणनीति तय की जाएगी।
शीर्ष नेतृत्व के दौरे: राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के उत्तराखंड में कई कार्यक्रम और रैलियां आयोजित कराने का आश्वासन मिला है।
चुनावी मुद्दे: कांग्रेस बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं/पेपर लीक और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाने की योजना बना रही है।
2. मूल मंत्र: ‘बूथ जीता तो चुनाव जीता’
दोनों दल इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि चुनाव का परिणाम सीधे तौर पर बूथ स्तर की मजबूती पर निर्भर करता है। यही कारण है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही जमीनी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और बूथ प्रबंधन को मजबूत करने में जुटी हैं।
