उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की ‘जल जीवन मिशन’ की समीक्षा; समयसीमा और गुणवत्ता पर विशेष जोर
उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की ‘जल जीवन मिशन’ की समीक्षा; समयसीमा और गुणवत्ता पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में ‘जल जीवन मिशन’ (JJM) की प्रगति, वित्तीय प्रबंधन और संचालन/रख-रखाव की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष बचे कार्यों को मिशन मोड में निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए।
1. मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश
शत-प्रतिशत लक्ष्य और गुणवत्ता: ‘हर घर जल’ के लक्ष्य को 100% हासिल किया जाए। जल जीवन मिशन की सफलता केवल कनेक्शनों की संख्या से नहीं, बल्कि नियमित, पर्याप्त और सुरक्षित जलापूर्ति से तय होगी।
स्थलीय सत्यापन व जवाबदेही: पूर्ण हो चुकी योजनाओं का जमीनी (ग्राउंड) सत्यापन कराया जाए। कार्य में अनावश्यक देरी होने पर संबंधित कार्यदायी संस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
स्रोतों का संरक्षण: पर्वतीय क्षेत्रों में पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण, वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) और जल स्रोतों के रिचार्ज पर विशेष ध्यान दिया जाए।
त्वरित समाधान व्यवस्था: जिलाधिकारियों को संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर तकनीकी समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए।
2. जल जीवन मिशन की वर्तमान प्रगति (आंकड़ों में)
कुल योजनाएं: राज्य में कुल 16,555 स्वीकृत योजनाओं में से 15,540 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 1,015 योजनाएं निर्माणाधीन हैं।
औसत प्रगति: राज्य में जल जीवन मिशन के तहत अब तक 92.46% कार्य पूर्ण हो चुका है।
परिवारों को नल कनेक्शन: राज्य के 14.48 लाख ग्रामीण परिवारों में से 14.20 लाख परिवारों तक ‘नल से जल’ पहुँचाया जा चुका है।
गांवों का सत्यापन: कुल 14,979 गांवों में से 9,796 गांवों में ‘हर घर जल’ का आधिकारिक सत्यापन (Verification) पूरा हो गया है।
