न्यूयॉर्क टाइम्स का दावा: तुर्की में ईरानी हमले की साज़िश से बचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
न्यूयॉर्क टाइम्स का दावा: तुर्की में ईरानी हमले की साज़िश से बचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
’न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक हालिया रिपोर्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महीने तुर्की में नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की पूरी तैयारी कर ली थी, जिसके बाद उन्हें बचाने के लिए बेहद गुप्त ऑपरेशन चलाना पड़ा था।
1. रिपोर्ट में किए गए बड़े खुलासे
ट्रंप की सटीक लोकेशन की जानकारी: अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के अनुसार, ईरान को इस बात की सटीक जानकारी थी कि ट्रंप तुर्की की राजधानी अंकारा में किस इमारत में ठहरे हैं और उनका कमरा कौन-सी मंजिल (Floor) पर है।
कंधे पर रखकर दागी जाने वाली मिसाइल (MANPADS): खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिला था कि नाटो सम्मेलन के आसपास के इलाके में एक व्यक्ति को कंधे पर रखकर दागी जाने वाली (Surface-to-Air) मिसाइल के साथ देखा गया था।
एयर फोर्स वन पर हमले का खतरा: अमेरिकी राष्ट्रपति के विमान (Air Force One) को जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल से निशाना बनाने का गंभीर खतरा था।
2. ट्रंप को सुरक्षित निकालने का ‘गुप्त ऑपरेशन’
खतरे की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने ट्रंप को तुर्की से सुरक्षित निकालने के लिए एक असाधारण और गुप्त प्लान तैयार किया:
कैमरों के सामने का ड्रामा: दुनिया को दिखाने के लिए ट्रंप सार्वजनिक रूप से अपने पुराने ‘एयर फोर्स वन’ विमान में सवार हुए।
फूड ट्रक और सैन्य विमान का इस्तेमाल: इसके बाद गुपचुप तरीके से ट्रंप को एक एयरपोर्ट कैटरिंग कंटेनर (फूड ट्रक) में बैठाकर दूसरे स्थान पर ले जाया गया।
सैन्य विमान से रवानगी: वहां से उन्हें एक विशेष सैन्य विमान में सवार कराकर सुरक्षित तुर्की से बाहर निकाला गया।
3. पूर्व में हुए हमले
डोनाल्ड ट्रंप पर पहले भी दो बार जानलेवा हमले की कोशिशें हो चुकी हैं:
जुलाई 2024 (बटलर, पेंसिल्वेनिया): चुनाव प्रचार के दौरान गोली उनके कान को छूती हुई निकल गई थी।
2024 (फ्लोरिडा गोल्फ कोर्स): गोल्फ कोर्स में एक बंदूकधारी ने उन पर निशाना साधने की कोशिश की थी।
(हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार इन दोनों पुरानी घटनाओं का ईरान से कोई सीधा संबंध नहीं था, लेकिन तुर्की में मिला हालिया खतरा सीधे तौर पर ईरानी साजिश से जुड़ा हुआ था।)
