देहरादून: सृष्टि कंडारी आत्महत्या मामले में आरोपी सास प्रवीणा खत्री की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
देहरादून: सृष्टि कंडारी आत्महत्या मामले में आरोपी सास प्रवीणा खत्री की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
डोईवाला थाना क्षेत्र में विवाहिता सृष्टि कंडारी की आत्महत्या के मामले में आरोपी सास प्रवीणा खत्री (66 वर्ष) को कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। प्रभारी सत्र न्यायाधीश महेश चंद्र कौशिक की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।
1. कोर्ट की टिप्पणी और फैसले का मुख्य कारण
दहेज मृत्यु का मामला: अदालत ने पाया कि सृष्टि की मौत शादी (नवंबर 2025) के महज सात महीने के भीतर असामान्य परिस्थितियों में ससुराल में हुई है।
गंभीर आरोप: कोर्ट ने माना कि दहेज प्रताड़ना से जुड़े आरोप अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं और मामले की पुलिस विवेचना (जांच) अभी जारी है।
राहत देने से इनकार: इससे पहले भी 1 अगस्त को कोर्ट ने अंतरिम अग्रिम जमानत याचिका खारिज की थी। 10 अगस्त को नियमित सुनवाई के दौरान भी कोर्ट ने अग्रिम जमानत के पर्याप्त आधार नहीं पाए।
2. दोनों पक्षों की दलीलें
अभियोजन पक्ष (शिकायतकर्ता):
व्हाट्सऐप वीडियो सबूत: आत्महत्या से ठीक पहले सृष्टि ने अपनी मां को करीब 6 मिनट का एक वीडियो भेजा था, जिसमें उसने पति (सौरभ खत्री), सास (प्रवीणा खत्री) और ननद पर पिछले 6 महीनों से लगातार प्रताड़ित करने और ताने मारने के आरोप लगाए थे।
परिजनों के बयान: सृष्टि की बहन, भाई और जीजा के बयानों में भी दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किए जाने की पुष्टि हुई है।
बचाव पक्ष (आरोपी की दलील):
प्रवीणा खत्री शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त लेक्चरर हैं और वरिष्ठ नागरिक हैं।
परिवार में उनके पति गंभीर बीमारी (ब्रेन कैंसर) से जूझ रहे थे, जिनकी 26 जुलाई 2026 को मौत हो गई थी। इसके 3 दिन बाद 29 जुलाई को सृष्टि ने आत्महत्या कर ली।
बचाव पक्ष ने दहेज मांगने या किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया।
3. मामले की वर्तमान स्थिति
मामले में पुलिस जांच जारी है और कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद आरोपी सास पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।
