पाकिस्तान: मानवाधिकार उल्लंघन, बलूचिस्तान में नेटवर्क ब्लैकआउट और बाढ़ कोष में गड़बड़ी पर रिपोर्ट
पाकिस्तान: मानवाधिकार उल्लंघन, बलूचिस्तान में नेटवर्क ब्लैकआउट और बाढ़ कोष में गड़बड़ी पर रिपोर्ट
पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव, बलूचिस्तान में सुरक्षा व संचार प्रतिबंध, और बाढ़ पीड़ितों के लिए विश्व बैंक द्वारा दी गई सहायता राशि में फेरबदल के गंभीर मामले सामने आए हैं।
1. अहमदिया समुदाय के अधिकारी का तबादला और आईएचआरसी की चिंता
मामला: पंजाब के चिनियट जिले के लालियान में ‘पंजाब लैंड रिकॉर्ड्स अथॉरिटी’ (PLRA) द्वारा नगमान अहमद को असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर नियुक्त किया गया था।
कट्टरपंथियों का दबाव: धार्मिक पहचान (अहमदिया मुस्लिम) के कारण ‘खत्म-ए-नबुव्वत’ नामक कट्टरपंथी संगठन ने विरोध प्रदर्शन किया और जातिसूचक/धार्मिक अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए उन्हें हटाने की मांग की।
कार्रवाई: दबाव में आकर 8 अगस्त को प्रशासन ने बिना कोई कारण बताए नगमान अहमद को तुरंत PLRA मुख्यालय में रिपोर्ट करने का आदेश जारी कर दिया।
मानवाधिकार आयोग की प्रतिक्रिया: यूके स्थित ‘इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स कमेटी’ (IHRC) ने इसे संस्थागत भेदभाव और असहिष्णुता को बढ़ावा देने वाला कदम बताया और संयुक्त राष्ट्र से पाकिस्तान पर दबाव बनाने की अपील की।
2. बलूचिस्तान में मोबाइल-इंटरनेट ठप और वित्तीय सेवाएं बंद
डिजिटल ब्लैकआउट: सुरक्षा कारणों और स्वतंत्रता दिवस विरोध प्रदर्शनों को रोकने के नाम पर बलूचिस्तान में लगातार इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद रखी गई हैं।
वित्तीय बंदी: नुश्की जिले सहित कई इलाकों में सभी व्यावसायिक और बैंकिंग सेवाएं बंद कर दी गई हैं। इसके कारण सरकारी कर्मचारियों, छात्रों और आम नागरिकों को राशन, दवाइयों और फीस भुगतान में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
79वां स्वतंत्रता दिवस विरोध: बलूच कार्यकर्ताओं (जैसे मीर यार बलूच) का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना 1948 से बलूचिस्तान पर जारी ‘अवैध कब्जे’ के खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाने के लिए प्रांत भर में धारा 144 और संचार ब्लैकआउट लागू कर रही है।
3. बाढ़ पीड़ितों का बजट डायवर्ट करने पर विश्व बैंक सख्त
विश्व बैंक का ऐतराज: पाकिस्तान सरकार ने बलूचिस्तान के बाढ़ प्रभावितों के लिए स्वीकृत बहु-अरब रुपये के आवास कार्यक्रम (Housing Program) से फंड निकालकर उसे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में लगा दिया है।
प्रभावित परिवार: फैसले से 1,19,049 सत्यापित और पात्र गरीब परिवार वित्तीय सहायता से वंचित हो गए हैं। विश्व बैंक के अनुसार, इनमें से 84% परिवार अत्यंत गरीब हैं जिनकी मासिक आय बहुत कम है।
चेतावनी: विश्व बैंक की कंट्री डायरेक्टर बोलोरमा अमगाबाजार ने पाकिस्तान सरकार को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि इस फैसले से बाढ़ पीड़ितों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति और बिगड़ेगी तथा सरकारी संस्थानों पर से लोगों का भरोसा उठेगा।
