डोनाल्ड ट्रंप का जियानी इन्फेंटिनो को समर्थन: फीफा अध्यक्ष पद को लेकर विवाद गहराया
डोनाल्ड ट्रंप का जियानी इन्फेंटिनो को समर्थन: फीफा अध्यक्ष पद को लेकर विवाद गहराया
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फीफा (FIFA) अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो का समर्थन करते हुए कहा है कि अगर फीफा उन्हें पद से हटाती है तो यह एक “बड़ी गलती” होगी। ट्रंप ने कहा कि इन्फेंटिनो के नेतृत्व में विश्व कप सबसे सफल रहा है और उनके जाने से खेल के इस व्यावसायिक मॉडल को नुकसान पहुंचेगा।
1. विवाद का मुख्य कारण
कमर्शियल राइट्स बेचने का प्रस्ताव: विवाद की शुरुआत इन्फेंटिनो के उस प्रस्ताव से हुई, जिसमें वर्ल्ड कप के 20% कमर्शियल राइट्स को प्राइवेट निवेशकों को लगभग 4.2 बिलियन डॉलर में बेचने की बात कही गई थी।
कड़ा विरोध: यूरोप में इस योजना का भारी विरोध हुआ, जिसके बाद इसे वापस ले लिया गया। UEFA, AFC (एशिया) और CONCACAF (उत्तर व मध्य अमेरिका) ने उन पर ‘विश्वासघात’ और तानाशाही रवैये का आरोप लगाया।
जांच की मांग: तीनों प्रमुख कन्फेडरेशन ने इन्फेंटिनो के इस्तीफे की सीधे मांग न करते हुए, इस पूरे घटनाक्रम की एक निष्पक्ष (Independent) जांच कराने की मांग की है।
2. इन्फेंटिनो के खिलाफ उठते स्वर
बहिष्कार की धमकी: UEFA ने AFC और CONCACAF के समर्थन से फीफा के आगामी टूर्नामेंट्स का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।
इस्तीफे की मांग: नॉर्वे फुटबॉल फेडरेशन की अध्यक्ष लिसे क्लेवनेस ने पिछले सप्ताह ही इन्फेंटिनो से सार्वजनिक रूप से इस्तीफा मांगा था।
3. फीफा का पक्ष और इन्फेंटिनो को समर्थन
सीएएफ और दक्षिण अमेरिकी देशों का साथ: अफ्रीकी फुटबॉल परिसंघ (CAF) के 54 सदस्यों सहित मेक्सिको, अर्जेंटीना, पैराग्वे, इक्वाडोर और बोलीविया जैसे देशों ने इन्फेंटिनो के पक्ष में बयान जारी किया है।
फीफा का रुख: फीफा ने अपने अध्यक्ष का बचाव करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। संस्था ने उन पर लगे भ्रष्टाचार और पुराने आरोपों को भी खारिज किया है।
वोट गणित: फीफा के 211 सदस्य देशों में से लगभग 70 ने इन्फेंटिनो का सार्वजनिक समर्थन किया है, जबकि लगभग एक दर्जन देश उनके खिलाफ रुख अपना चुके हैं।
