देहरादून: फाइव स्टार होटलों पर खाद्य संरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई; मसालों और दाल के सैंपल लैब भेजे गए
देहरादून: फाइव स्टार होटलों पर खाद्य संरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई; मसालों और दाल के सैंपल लैब भेजे गए
उत्तराखंड की धामी सरकार ने खाद्य पदार्थों में मिलावट और घटिया गुणवत्ता के खिलाफ रुख सख्त कर लिया है। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग ने देहरादून-मसूरी रोड स्थित कई प्रमुख फाइव स्टार होटलों में औचक छापेमारी कर विशेष जांच अभियान चलाया।
1. छापेमारी और सैंपलिंग की मुख्य बातें
नमूने जब्त: जांच के दौरान एक बड़े होटल से मसालों और दूसरे होटल से पकी हुई दाल के सैंपल लेकर लैब जांच के लिए भेजे गए हैं।
नोटिस जारी: एक होटल के स्टोर में मिले पैक्ड गुलकंद, इंपोर्टेड ऑर्गेनो और सौंफ के निर्माताओं से गुणवत्ता संबंधी दस्तावेज मांगने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
जांच के बिंदु: टीम ने किचन, स्टोर रूम, स्वच्छता, कच्चे माल की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था और पैकेज्ड सामग्री के लेबल की बारीकी से पड़ताल की।
2. एनालॉग (नकली) पनीर पर विशेष नजर
अभियान के दौरान अधिकारियों का मुख्य ध्यान एनालॉग पनीर और अन्य गैर-दुग्ध (Non-Dairy) उत्पादों के इस्तेमाल पर रहा।
क्या होता है एनालॉग पनीर?
यह असली पनीर जैसा दिखने वाला एक कृत्रिम/नकली उत्पाद है। इसे असली दूध के बजाय पाम ऑयल (वनस्पति तेल), स्टार्च, स्किम्ड मिल्क पाउडर और केमिकल्स मिलाकर बनाया जाता है, जो सेहत के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है।
3. अधिकारियों के कड़े निर्देश और बयान
विनय शंकर पांडेय (आयुक्त, FDA): “चाहे सामान्य दुकान हो या फाइव स्टार होटल, खाद्य सुरक्षा के नियम सभी पर समान रूप से लागू होते हैं। नागरिकों को शुद्ध खाद्य सामग्री देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
ताजबर सिंह जग्गी (अपर आयुक्त, FDA): “उत्तराखंड एक पर्यटन प्रदेश है। राज्य सरकार की नीति मिलावटखोरी पर जीरो टॉलरेंस की है। यह अभियान किसी एक दिन का नहीं है, बल्कि पूरे जिले के होटल, रेस्टोरेंट, डेयरी और मिठाई की दुकानों पर औचक निरीक्षण जारी रहेगा।”
