संसद का मानसून सत्र: ‘लाठीचार्ज विवाद’ पर आमने-सामने NDA और विपक्ष; बीजेपी ने चलाया ‘#राहुल_भागना_नहीं’ अभियान
संसद का मानसून सत्र: ‘लाठीचार्ज विवाद’ पर आमने-सामने NDA और विपक्ष; बीजेपी ने चलाया ‘#राहुल_भागना_नहीं’ अभियान
संसद के मानसून सत्र में छात्र विरोध-प्रदर्शन, पेपर लीक और सुरक्षा कार्रवाई के मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच खींचतान तेज हो गई है। राहुल गांधी सहित विपक्षी नेता जहां गृह मंत्री अमित शाह से जवाब और प्रधानमंत्री से माफी की मांग पर अड़े हैं, वहीं बीजेपी ने पलटवार करते हुए राहुल गांधी पर चर्चा से भागने का आरोप लगाया है।
1. बीजेपी का हमला और ‘#राहुल_भागना_नहीं’ अभियान
गृह मंत्री अमित शाह द्वारा सदन में विस्तृत वक्तव्य देने की सहमति के बाद बीजेपी नेताओं ने सोशल मीडिया पर अभियान शुरू किया है:
योगी आदित्यनाथ (CM, यूपी): “लोकतंत्र प्रश्न पूछने की स्वतंत्रता देता है, तो उत्तर सुनने का दायित्व भी निर्धारित करता है। गृह मंत्री अमित शाह चर्चा के लिए तैयार हैं। लोकतंत्र में बहस से प्रतिष्ठा बढ़ती है, भागने से नहीं।”
किरेन रिजिजू (केंद्रीय मंत्री): “राहुल गांधी कई दिनों से गृह मंत्री के जवाब की मांग कर रहे थे। अब जब सरकार पूरी तरह तैयार है, तो राहुल गांधी भाग रहे हैं। उन्हें भागना नहीं, डरना भी नहीं चाहिए।”
2. विपक्ष और राहुल गांधी की मुख्य तीन मांगें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा कि विरोध सामान्य चर्चा के लिए नहीं, बल्कि विशिष्ट जवाबदेही तय करने के लिए है:
कार्रवाई पर स्पष्टीकरण: गृह मंत्री अमित शाह स्पष्ट करें कि 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई/गोली चलाने का आदेश किसने दिया।
प्रधानमंत्री की माफी: छात्र आंदोलन पर हुई प्रशासनिक सख्ती के लिए पीएम मोदी माफी मांगें।
राम मंदिर चंदा विवाद पर चर्चा: अयोध्या के राम मंदिर निर्माण से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं और चंदा चोरी के आरोपों पर विस्तृत बहस हो।
3. सरकार का रुख
सरकार और संसदीय कार्य मंत्रालय का कहना है कि पुलिस द्वारा कोई गोली नहीं चलाई गई थी (केवल आंसू गैस व बल प्रयोग हुआ) और प्रक्रिया के तहत आदेश देने का अधिकार स्थानीय मजिस्ट्रेट का होता है, न कि गृह मंत्री का। सरकार का आरोप है कि विपक्ष मुद्दों को सुलझाने के बजाय केवल गतिरोध बनाए रखना चाहता है।
