राजनीति

2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी पर विवाद: अहमदाबाद को मिली मेजबानी पर दीपेंद्र हुड्डा की आपत्ति, बबीता फोगाट का तीखा पलटवार

2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी पर विवाद: अहमदाबाद को मिली मेजबानी पर दीपेंद्र हुड्डा की आपत्ति, बबीता फोगाट का तीखा पलटवार

​भारत को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स (राष्ट्रमंडल खेल) की मेजबानी मिलने और गुजरात के अहमदाबाद को आधिकारिक मेजबान शहर घोषित किए जाने के बाद इस पर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा को मेजबान या सह-मेजबान न बनाए जाने पर संसद परिसर में प्रदर्शन किया, जिस पर बीजेपी नेता और पूर्व रेसलर बबीता फोगाट ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

​1. दीपेंद्र हुड्डा की मांग और संसद में प्रदर्शन

​नारा: “मेडल हरियाणा देता है, खेल गुजरात में क्यों?”

​सांसदों का प्रदर्शन: दीपेंद्र हुड्डा ने हरियाणा के अन्य कांग्रेस सांसदों (जयप्रकाश जेपी, वरुण चौधरी/मुलाना, सतपाल ब्रह्मचारी और कर्मबीर बौद्ध) के साथ संसद के मकर द्वार पर तख्तियां लेकर विरोध जताया।

​तर्क: हुड्डा का कहना है कि ओलंपिक, एशियन या राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के 50% से अधिक मेडल हरियाणा के खिलाड़ी लाते हैं। ऐसे में यदि भारत 2030 राष्ट्रमंडल खेलों या 2036 ओलंपिक की मेजबानी करता है, तो हरियाणा को पूर्ण मेजबान न सही, कम से कम सह-मेजबान (Co-host) राज्य जरूर बनाया जाना चाहिए।

​2. बबीता फोगाट का पलटवार

​बीजेपी नेता और पूर्व महिला पहलवान बबीता फोगाट ने सोशल मीडिया पर हुड्डा के प्रदर्शन को “नौटंकी” करार दिया और कई सवाल दागे:

​2010 का सवाल: जब 2010 में दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स हुए थे, तब दीपेंद्र हुड्डा ने हरियाणा में कराने की मांग क्यों नहीं उठाई?

​कुश्ती संघ पर तंज: बबीता ने कहा कि हुड्डा 10 साल तक हरियाणा कुश्ती संघ के अध्यक्ष रहे, लेकिन वे हरियाणा में एक नेशनल स्तर का टूर्नामेंट भी आयोजित नहीं करा सके।

​राष्ट्र का गौरव: उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय खेल किसी एक राज्य के नहीं, बल्कि पूरे देश की मेजबानी का प्रतीक होते हैं।

​3. विवाद पर महिला कांग्रेस की प्रतिक्रिया

​बबीता फोगाट के बयान पर हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष पर्ल चौधरी ने निशाना साधते हुए पूछा कि क्या बीजेपी नेता यह मानती हैं कि हरियाणा को इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय खेलों की मेजबानी का अवसर नहीं मिलना चाहिए? इस बयानबाजी के बाद दिल्ली से लेकर हरियाणा तक कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी पारा चढ़ गया है।

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