राजनीति

महिला पहलवान यौन शोषण मामला: राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को किया बरी  

महिला पहलवान यौन शोषण मामला: राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को किया बरी  

​दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों के मामले में अहम फैसला सुनाते हुए भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह तथा सह-आरोपी विनोद तोमर को बाइज्जत बरी (Honourably Acquitted) कर दिया है। एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्विनी पंवार की अदालत ने सबूतों के अभाव और बयानों में विरोधाभास के चलते दोनों को सभी आरोपों से बरी किया।

​1. फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह की प्रतिक्रिया

​कोर्ट का फैसला आने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा:

​”सबसे पहले कोर्ट ने ये कहा कि बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर, आप दोनों को बाइज्जत बरी किया जाता है।”

​”पहले दिन से मैंने कहा था कि अगर मेरे खिलाफ कोई भी आरोप साबित हो जाता, तो मैं स्वत: फांसी पर लटक जाता। आज कोर्ट ने बाइज्जत बरी किया, यह मेरे और मेरे प्रशंसकों के लिए बेहद खुशी व प्रशंसा का विषय है।”

​2. केस का इतिहास और घटनाक्रम

​जनवरी 2023 से शुरुआत: 18 जनवरी 2023 को भारत की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवानों ने तत्कालीन WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे और कार्रवाई की मांग की थी।

​जंतर-मंतर पर धरना: पुलिस और सरकारी स्तर पर तत्काल कठोर कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई महीनों तक विरोध प्रदर्शन किया था।

​चार्जशीट व आरोप तय: दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के बाद मई 2024 में कोर्ट ने आईपीसी की धारा 354, 354A और 506(1) के तहत आरोप तय किए थे, जिस पर लंबी सुनवाई के बाद अब अंतिम फैसला आया है।

​3. बृजभूषण सिंह के राजनीतिक तेवर

​बृजभूषण शरण सिंह यूपी के कैसरगंज से भाजपा सांसद रह चुके हैं। हाल ही में अपनी पार्टी और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर वे काफी मुखर नजर आए थे:

​वीर कुंवर सिंह विजय उत्सव (भागलपुर): कुछ समय पहले बिहार के भागलपुर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा था कि आज सरकार और राजनीति की नजरों में उनके समाज का अस्तित्व कम आंका जा रहा है।

​2027 और 2029 का आह्वान: उन्होंने कहा था, “अगर किसी को लगता है कि हम भार बन चुके हैं, तो बस एक बार कह दें कि हमारी जरूरत नहीं है। चाहे 2027 का चुनाव हो या 2029 का, हम अपनी उपयोगिता साबित करके दिखा देंगे।”

​अदालत से पूरी तरह बरी होने के बाद अब राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि भाजपा व उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनका कद और भूमिका किस रूप में आगे बढ़ेगी।

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