सुप्रीम कोर्ट से बीजेपी नेताओं अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा को बड़ी राहत: हेट स्पीच मामले में पुनर्विचार याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट से बीजेपी नेताओं अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा को बड़ी राहत: हेट स्पीच मामले में पुनर्विचार याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेताओं अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ कथित हेट स्पीच (भड़काऊ भाषण) मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग करने वाली पुनर्विचार याचिका (Review Petition) को खारिज कर दिया है।
1. सुप्रीम कोर्ट की पीठ का फैसला
जज पीठ: जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की दो-सदस्यीय पीठ ने सीपीआई(एम) नेता वृंदा करात द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए इसे खारिज कर दिया।
पहला फैसला बरकरार: शीर्ष अदालत ने इस मामले में अपने पहले के फैसले को बरकरार रखा और दोनों नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का निर्देश देने से साफ इनकार कर दिया।
अप्रैल 2026 के आदेश की पुष्टि: इससे पहले भी अप्रैल 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने की याचिका को ठुकरा दिया था। अब रिव्यू पिटीशन खारिज होने के बाद दोनों नेताओं को मिली यह राहत अंतिम रूप से कायम रहेगी।
2. क्या है पूरा मामला?
2020 का सीएए विरोधी प्रदर्शन: यह मामला वर्ष 2020 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान दिए गए कथित भाषणों से संबंधित है।
हेट स्पीच का आरोप: याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा ने जनसभाओं के दौरान ऐसे बयान दिए थे, जिनसे नफरत फैलाने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश हुई थी।
3. फैसले का प्रभाव
पुनर्विचार याचिका खारिज होने के साथ ही इस मामले पर सभी कानूनी विकल्प समाप्त हो गए हैं और शीर्ष अदालत द्वारा पहले दिया गया राहत का आदेश ही प्रभावी रहेगा।
