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‘चायवालाज’ के फाउंडर रोहित शर्मा ने दौसा में की खुदकुशी; जानिए सफल बिजनेसमैन से अध्यात्म तक का सफर

‘चायवालाज’ के फाउंडर रोहित शर्मा ने दौसा में की खुदकुशी; जानिए सफल बिजनेसमैन से अध्यात्म तक का सफर

​राजस्थान के दौसा से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। प्रसिद्ध स्टार्ट-अप ‘चायवालाज’ (Chaiwalaz) के फाउंडर और युवा उद्यमी रोहित शर्मा (30) ने अपने साकेत कॉलोनी स्थित घर में कथित तौर पर गले में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। सफल बिजनेस से लेकर अध्यात्म की ओर कदम बढ़ाने वाले रोहित की अचानक मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।

​1. घटनाक्रम और पुलिस कार्रवाई

​शव मिला फंदे से लटका: शनिवार दोपहर को परिवार के सदस्यों ने जब कमरे का दरवाजा खोला तो रोहित फंदे से लटके मिले। उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

​पुलिस जांच जारी: कोतवाली पुलिस स्टेशन ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस मामले की जांच कर रही है।

​2. 17 साल की उम्र में की थी ‘चायवालाज’ की शुरुआत

​नर्सिंग की पढ़ाई के साथ बिजनेस: रोहित ने महज 17 वर्ष की उम्र में नर्सिंग की पढ़ाई के दौरान जयपुर के मानसरोवर स्थित शिप्रा पथ से ‘चायवालाज’ का पहला कैफे शुरू किया था।

​बड़ा नेटवर्क: धीरे-धीरे उन्होंने अपने स्टार्ट-अप का विस्तार किया और राजस्थान के अलग-अलग शहरों में कुल 7 ‘चायवालाज’ आउटलेट्स खोल लिए थे।

​सम्मान और पुरस्कार: युवा उद्यमी के रूप में उनके योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2022 में नेशनल एमएसएमई (MSME) अवॉर्ड समेत कई स्थानीय व राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका था।

​3. अध्यात्म की राह और ‘रोहित शिवोहम’

​आउटलेट्स बंद कर चुना अध्यात्म: करीब 6 महीने पहले रोहित ने अपने सभी सात कैफे आउटलेट्स बंद कर दिए थे और अध्यात्म की राह चुन ली थी। वे अक्सर धार्मिक स्थलों की यात्रा करते दिखे।

​किताबें और सोशल मीडिया: अध्यात्म की ओर रुख करने के बाद उन्होंने अपना नाम बदलकर ‘रोहित शिवोहम’ कर लिया था। उन्होंने आध्यात्मिक लेखन भी शुरू किया था, जिसमें उनकी किताब ‘तत्सुखे सुखित्व’ काफी चर्चा में रही थी।

​4. राजनीति में आजमाया था भाग्य

​वर्ष 2024 में रोहित शर्मा ने दौसा विधानसभा उपचुनाव में बतौर निर्दलीय (Independent) उम्मीदवार अपना पर्चा भरा था, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी।

​5. परिवार की स्थिति

​रोहित के पिता हितेंद्र मोहन शर्मा का मेडिकल स्टोर है और उनकी पत्नी एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षिका हैं। उनका एक 7 साल का बेटा भी है। रोहित की अचानक हुई इस दुखद मृत्यु से परिवार और क्षेत्र में शोक की लहर है।

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