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शराब कंपनियों पर FSSAI की बड़ी कार्रवाई: एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल और भ्रामक दावों पर कसा शिकंजा

शराब कंपनियों पर FSSAI की बड़ी कार्रवाई: एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल और भ्रामक दावों पर कसा शिकंजा

​भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने मीडिया में चल रही खबरों पर सफाई देते हुए स्पष्ट किया है कि उसकी कार्रवाई पूरी शराब इंडस्ट्री के खिलाफ नहीं है। प्राधिकरण ने केवल उन कंपनियों और ब्रांड्स पर शिकंजा कसा है जो नियमों का उल्लंघन कर गैर-अनुमोदित फ्लेवर (Non-Approved Flavors) मिला रही थीं और ग्राहकों को भ्रमित करने वाले दावे कर रही थीं।

​1. क्या है ‘एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल’ का खेल?

​नियमों का उल्लंघन: जांच में पाया गया कि कुछ कंपनियां पारंपरिक तरीके से प्रामाणिक रम या व्हिस्की तैयार करने के बजाय ‘एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल’ (जिसका खुद का कोई स्वाद या सुगंध नहीं होता) का इस्तेमाल कर रही थीं।

​नकली फ्लेवरिंग: इसके बाद इनमें ऊपर से आर्टिफिशियल और नेचर-आइडेंटिकल रम या व्हिस्की फ्लेवर मिलाकर इन्हें बाजार में असली उत्पाद के रूप में बेचा जा रहा था।

​FSSAI का नया निर्देश: FSSAI के अनुसार, यदि किसी स्पिरिट में ऊपर से फ्लेवर मिलाया गया है, तो उसे केवल ‘रम’ या ‘व्हिस्की’ नहीं लिखा जा सकता। ऐसे उत्पादों को बोतल पर साफ-साफ ‘Rum Flavoured Spirit’ या ‘Whisky Flavoured Spirit’ लिखकर ही बेचा जाना चाहिए।

​2. Old Monk के ‘7 Years Old’ दावे पर उठे सवाल

​भ्रामक दावा: FSSAI की लैब जांच में देश के मशहूर ब्रांड Old Monk XXX Rum के ‘7 Years Old Blended’ दावे को भ्रामक पाया गया।

​सच्चाई: जिस रम के 7 साल पुराने होने का दावा किया गया था, उसमें 7 साल पुरानी परिपक्व (Aged) रम की मात्रा 5 प्रतिशत से भी कम थी। बाकी का हिस्सा बिना परिपक्व न्यूट्रल स्पिरिट का था।

​उम्र का नियम: FSSAI नियमों के मुताबिक, किसी ब्लेन्डेड स्पिरिट की उम्र का दावा उसमें मिलाई गई सबसे कम उम्र वाली स्पिरिट की मैच्योरिटी के आधार पर ही तय होना चाहिए।

​3. क्या फ्लेवर मिलाना पूरी तरह बैन है?

​FSSAI ने स्पष्ट किया कि फ्लेवर मिलाना पूरी तरह बैन नहीं है। नियमानुसार तकनीकी कारणों से कॉफी, वनीला या अन्य प्राकृतिक फ्लेवर मिलाए जा सकते हैं। हालांकि, रम में अलग से रम का फ्लेवर या व्हिस्की में व्हिस्की का फ्लेवर मिलाना पूरी तरह अमान्य है, क्योंकि यह स्वाद निर्माण की स्वाभाविक प्रक्रिया से आना चाहिए।

​4. प्रभावित प्रमुख ब्रांड्स और कंपनियां

​लैब रिपोर्ट में गड़बड़ी पाए जाने के बाद FSSAI ने निम्नलिखित इकाइयों के उत्पादों की बिक्री पर रोक/कार्रवाई की है:

​Mohan Rocky Springwater (खोपोली): Old Monk Rum के तीन वेरिएंट्स पर रोक।

​United Spirits (बारामती): McDowell’s No.1 Rum पर रोक।

​INBREW Beverages (मध्य प्रदेश): Bagpiper Deluxe Whisky और Old Cask Deluxe XXX Rum पर रोक।

​Associated Alcohol & Breweries (मध्य प्रदेश): Central Province Whisky और McDowell’s No.1 Celebration Matured XXX Rum।

​United Spirits (मध्य प्रदेश): Antiquity Blue Whisky और Royal Challenge Whisky।

​अन्य एक्शन: गोवा स्थित ‘Mandexi Distilleries’ में सैंपल लिए गए और महाराष्ट्र की 6 कंपनियों को नोटिस जारी किए गए।

​5. शर्तों के साथ राहत

​दो कंपनियों की अपील के बाद FSSAI ने कुछ सख्त शर्तों पर मौजूदा स्टॉक बेचने की छूट दी है:

​पैकेट के फ्रंट पैनल पर उत्पाद का वास्तविक स्वरूप स्पष्ट लिखा होना चाहिए।

​भविष्य के उत्पादन में एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल में समान फ्लेवर मिलाने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।

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