30 जुलाई से शुरू हो रही कांवड़ यात्रा: उत्तराखंड पुलिस ने कसी कमर, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे रहेगा ‘कांवड़ मुक्त’
30 जुलाई से शुरू हो रही कांवड़ यात्रा: उत्तराखंड पुलिस ने कसी कमर, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे रहेगा ‘कांवड़ मुक्त’
30 जुलाई से शुरू होने वाली वार्षिक कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तराखंड पुलिस और जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार दून पुलिस के सामने मुख्य चुनौती दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (एक्सप्रेसवे) पर कांवड़ियों के प्रवेश को रोककर सामान्य यातायात को निर्बाध बनाए रखना है। इसके लिए उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त ट्रैफिक प्लान तैयार किया जा रहा है।
कांवड़ यात्रा 2026 के मुख्य सुरक्षा एवं ट्रैफिक इंतज़ाम:
भगवानपुर बॉर्डर से डायवर्जन: श्रद्धालुओं को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर चलने की अनुमति नहीं होगी। उत्तर प्रदेश पुलिस के समन्वय से भगवानपुर बॉर्डर से ही कांवड़ियों को वैकल्पिक (अल्टरनेट) मार्गों पर डायवर्ट कर दिया जाएगा।
मसूरी और एक्सप्रेसवे पर पूर्ण प्रतिबंध: एसपी यातायात जितेंद्र चौहान ने स्पष्ट किया है कि एक्सप्रेसवे के साथ-साथ कांवड़ियों को मसूरी की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा पांवटा साहिब की तरफ से आने वाले भारी वाहनों को यमुनानगर, सहारनपुर और हरिद्वार मार्ग से डायवर्ट किया जाएगा ताकि दून शहर में जाम न लगे।
आईडीपीएल (ऋषिकेश) में मुख्य पार्किंग: नीलकंठ महादेव जाने वाले कांवड़ियों के वाहनों के लिए ऋषिकेश स्थित आईडीपीएल (IDPL) क्षेत्र में विशाल मुख्य पार्किंग बनाई गई है। वाहनों को यहीं खड़ा कराकर श्रद्धालुओं को आगे भेजा जाएगा।
रायवाला-ऋषिकेश-नीलकंठ मार्ग पर विशेष निगरानी: ऋषिकेश और नीलकंठ मार्ग को अलग-अलग सेक्टरों में बांटकर सेक्टरवार ड्यूटी प्लान लागू किया जाएगा, जिसकी कमान एसपी, सीओ और थाना प्रभारियों के पास होगी।
डाक कांवड़ के लिए अतिरिक्त पुलिस बल: डाक कांवड़ के दौरान एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों का प्रवेश रोकने के लिए भगवानपुर और देहरादून सीमा पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा।
पुलिस प्रशासन की अपील:
एसपी ट्रैफिक जितेंद्र चौहान ने सभी श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान निर्धारित मार्गों का पालन करने, साथ में वैध पहचान पत्र रखने, नशे से दूर रहने और ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया है।
