NEET पेपर लीक पर सरकार ‘100% चर्चा’ को तैयार, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू बोले- ‘बहाने बना रही है कांग्रेस’
NEET पेपर लीक पर सरकार ‘100% चर्चा’ को तैयार, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू बोले- ‘बहाने बना रही है कांग्रेस’
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में NEET पेपर लीक विवाद को लेकर जारी भारी हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार का रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में कहा कि सरकार इस संवेदनशील मुद्दे और युवाओं के भविष्य से जुड़े विषय पर चर्चा के लिए “सौ प्रतिशत तैयार” है। हालांकि, उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह नई-नई शर्तें और बहाने बनाकर चर्चा से भाग रही है।
राज्यसभा में सरकार बनाम विपक्ष: ‘चर्चा से क्यों बच रही कांग्रेस?’
दोपहर 2 बजे जब राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई, तो उपसभापति हरिवंश ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को वक्तव्य देने का अवसर दिया।
रिजिजू का विपक्ष पर निशाना: केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार सत्र के पहले दिन से ही NEET पेपर लीक और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने दावा किया, “विपक्ष लगातार हंगामा कर रहा है, जिसका स्पष्ट मतलब है कि वे चर्चा नहीं चाहते। कांग्रेस पहले तो बहस की मांग करती है और जब हम राजी होते हैं, तो नारेबाजी करके सदन बाधित करने लगती है।”
नियम और समय पर सभापति का फैसला: रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सभापति जिस भी नियम के तहत और जितने समय के लिए निर्देश देंगे, सरकार पूरी तरह चर्चा में भाग लेने और छात्रों के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देने के लिए तत्पर है।
मल्लिकार्जुन खरगे और DMK की प्रतिक्रिया:
कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नियम 267 के तहत कार्य स्थगन कर तुरंत चर्चा कराने की अपनी मांग दोहराई। DMK नेता तिरुचि शिवा ने भी इस मांग का समर्थन किया।
खरगे ने कहा: “सदन को बताया गया कि नियम 267 के तहत केवल ‘दुर्लभतम मामलों’ में चर्चा होती है। जब देश भर में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं और आत्महत्या जैसी दुखद घटनाएं हो रही हैं, तो इससे ज्यादा ‘दुर्लभतम’ स्थिति और क्या हो सकती है?”
लोकसभा में घमासान: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और नियम पर अड़ा विपक्ष
इससे पूर्व लोकसभा में दोपहर 12 बजे कार्यवाही शुरू होने पर भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला।
के.सी. वेणुगोपाल की मांग: कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने फिर से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई और विपक्ष के कार्यस्थगन प्रस्ताव को स्वीकार करने की बात कही।
अध्यक्ष तय करेंगे नियम: किरेन रिजिजू ने लोकसभा में कहा कि चर्चा कब, कितनी लंबी और किस नियम के तहत होगी, इसका फैसला लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सभी दलों के नेताओं से बातचीत कर करेंगे। उन्होंने अपील की कि देश के युवाओं के भविष्य के लिए सभी दलों को मिलकर एक सार्थक चर्चा में भाग लेना चाहिए।
