अमेरिका-ईरान जंग: 2 अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद तेहरान पर भीषण एयरस्ट्राइक, अब तक 50 की मौत
अमेरिका-ईरान जंग: 2 अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद तेहरान पर भीषण एयरस्ट्राइक, अब तक 50 की मौत
तेहरान/वाशिंगटन: जॉर्डन में ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत और एक के लापता होने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष अब बेहद भयावह रूप ले चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े निर्देश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ हवाई हमलों (एयरस्ट्राइक) का एक और नया दौर शुरू कर दिया है। इन ताजा हमलों में ईरान के भीतर भारी तबाही हुई है और संघर्ष के इस नए दौर में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 50 तक पहुंच गया है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड का बड़ा एक्शन
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि कमांडर-इन-चीफ के आदेश पर शनिवार शाम 6 बजे से ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले शुरू किए गए हैं। इनका मुख्य मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) में वाणिज्यिक जहाजों (कमर्शियल शिपिंग) को निशाना बनाने की ईरान की क्षमता को खत्म करना और ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) के उन बलों को तत्काल जवाब देना है, जिन्होंने जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हमला किया था। इस हमले में मारे गए सैनिकों की शहादत पर राष्ट्रपति ट्रंप और रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
ईरान में मची तबाही: 12 नई मौतें, 500 घायल
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भारी नुकसान की पुष्टि की है। मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमानपुर के अनुसार, पिछले एक दिन में हुए अमेरिकी हमलों में कम से कम 12 लोगों की जान चली गई है, जिसके बाद 27 जून से अब तक कुल मृतकों की संख्या 50 हो गई है। मरने वालों में 5 महिलाएं और 2 बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा इन हमलों में अब तक 500 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। ईरानी सरकारी मीडिया (IRNA) के मुताबिक, रविवार सुबह बंदर अब्बास और होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित केशम द्वीप पर फिर से भीषण धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे वहां के बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है।
शांति समझौता पूरी तरह बेअसर, मोजतबा खामेनेई का ट्रंप पर तीखा वार
इस सैन्य टकराव के बीच दोनों देशों के बीच बीते 18 जून को हुआ शांति समझौता (MoU) पूरी तरह से खत्म हो गया है। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका द्वारा इस समझौते का उल्लंघन करना एक बार फिर साबित करता है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षरों की कोई कीमत नहीं है और वे पूरी तरह अमान्य हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अपना अपराधी और वादे तोड़ने वाला असली चेहरा दिखा दिया है। खामेनेई ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका नहीं रुका, तो उसे ईरान से कभी न भूलने वाला सबक मिलेगा।
बातचीत के रास्ते बंद, खाड़ी देशों में अलर्ट
ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उपविदेश मंत्री काजम गरीबाबादी ने साफ कर दिया है कि अमेरिका द्वारा वादे तोड़े जाने के बाद अब ईरान शांति समझौते के तहत अपनी कोई जिम्मेदारी पूरी नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि अभी हमारे सामने देश की मजबूती से रक्षा करने की चुनौती है और बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं है।
इस बीच, ईरान के पलटवार के कारण खाड़ी देशों में भी युद्ध का खतरा बढ़ गया है। कुवैत और बहरीन ने दावा किया है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की तरफ से दागे गए ताजा मिसाइल और ड्रोन हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया। ईरान ने कुवैत में एक प्रमुख तेल प्रतिष्ठान और बिजली व पानी के संयंत्रों को निशाना बनाने की कोशिश की थी।
