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अमेरिका-ईरान के बीच सैन्य संघर्ष तेज: जॉर्डन में 2 अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद एयरस्ट्राइक, तेल संकट गहराया

अमेरिका-ईरान के बीच सैन्य संघर्ष तेज: जॉर्डन में 2 अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद एयरस्ट्राइक, तेल संकट गहराया

​वाशिंगटन/तेहरान: जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक ठिकानों पर नए सिरे से जोरदार हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मारे गए सैनिकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया है कि अमेरिका किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देगा।

​ईरान के भीतर अमेरिकी एयरस्ट्राइक और आर्थिक नाकेबंदी

​अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के बेहद महत्वपूर्ण इलाकों को निशाना बनाया है, जिससे स्थिति गंभीर हो गई है:

​क़ेश्म द्वीप और शादेगान पर बमबारी: ईरानी मीडिया (तस्नीम न्यूज एजेंसी) के मुताबिक, अमेरिकी जेट विमानों ने ईरान के दक्षिणी प्रांत खुज़ेस्तान के शादेगान और होर्मोज स्ट्रेट के निकट स्थित क़ेश्म द्वीप पर भारी बमबारी की है। इन इलाकों में बड़े धमाकों के बाद राहत व आपातकालीन टीमों को तैनात किया गया है।

​कड़ी नौसैनिक नाकेबंदी: अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी बंदरगाहों पर अपनी नौसैनिक नाकेबंदी को काफी सख्त कर दिया है। जून में हुए इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (MoU) के रद्द होने के बाद वाशिंगटन ने तेल और बैंकिंग सेक्टर को दी गई सभी रियायतें खत्म कर दी हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस कदम से बाजार से रोजाना 15 लाख बैरल ईरानी कच्चा तेल बाहर हो जाएगा, जिससे ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतें बढ़ रही हैं।

​ईरान का पलटवार: कुवैत में अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना

​अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरानी सेना ने कुवैत में मौजूद दो अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े ड्रोन हमले करने का दावा किया है। ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, उनके विनाशकारी ड्रोनों ने ‘कैंप अल अदिरी’ में स्थित एक गोला-बारूद डिपो और ‘अली अल सालेम’ एयरबेस पर तैनात पैट्रियट मिसाइल व एयर डिफेंस रडार सिस्टम को निशाना बनाया है।

​ईरानी कमांडर की सख्त चेतावनी

​ईरान के खातम अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय के कमांडर मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने अमेरिका को आड़े हाथों लेते हुए सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी आक्रामकता का “निर्णायक और विनाशकारी जवाब” दिया जाएगा। अमेरिका को ‘बड़ा शैतान’ और ‘धोखेबाज दुश्मन’ बताते हुए उन्होंने संकल्प लिया कि इस बार अमेरिका को पिछले युद्धों के मुकाबले कहीं बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।

​वैश्विक स्तर पर अलर्ट और विशेषज्ञों की चिंता

​अमेरिकी नागरिकों के लिए एडवाइजरी: मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में बढ़ते युद्ध के खतरों को देखते हुए अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने दुनिया भर में यात्रा कर रहे अपने नागरिकों के लिए ग्लोबल अलर्ट जारी कर अत्यधिक सावधानी बरतने को कहा है।

​गाजा में इजरायली हमले जारी: क्षेत्र में तनाव के बीच गाजा में भी इजरायली हमले रुक नहीं रहे हैं। पिछले अक्टूबर में हुए संघर्ष विराम के बावजूद, शनिवार को एक आवासीय अपार्टमेंट पर हुए हमले में एक ही परिवार के 5 सदस्यों समेत 11 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई।

​अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच जारी यह आक्रामक गोलाबारी आने वाले समय में एक बड़े और विनाशकारी क्षेत्रीय युद्ध में तब्दील हो सकती है।

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