लॉर्ड्स में टीम इंडिया का ऐतिहासिक शंखनाद: पहली बार खेले गए महिला टेस्ट में इंग्लैंड को 270 रन से रौंदा
लॉर्ड्स में टीम इंडिया का ऐतिहासिक शंखनाद: पहली बार खेले गए महिला टेस्ट में इंग्लैंड को 270 रन से रौंदा
लॉर्ड्स: ‘क्रिकेट के मक्का’ कहे जाने वाले ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों से दर्ज करा दिया है। लॉर्ड्स के इतिहास में पहली बार आयोजित किए गए ऐतिहासिक महिला टेस्ट मैच में भारत ने मेजबान इंग्लैंड को 270 रन के विशाल अंतर से हराकर एक यादगार जीत हासिल की। भारतीय टीम की इस ऐतिहासिक सफलता का गवाह बनने के लिए महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भी स्टैंड्स में मौजूद रहे।
दूसरी पारी में जीत के लिए 457 रन के बेहद मुश्किल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने पूरी तरह बेबस नजर आई और महज 186 रन पर सिमट गई। महिला टीम की इस धमाकेदार जीत के बाद अब भारतीय मेन्स टीम 14 जुलाई से वनडे (ODI) सीरीज में एक्शन में नजर आएगी।
चौथे दिन भारतीय गेंदबाजों का कहर, ताश के पत्तों की तरह ढही इंग्लिश टीम
मैच के चौथे और आखिरी दिन इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी को 130/6 के स्कोर से आगे बढ़ाना शुरू किया। इंग्लैंड को उम्मीद थी कि वे मैच को ड्रॉ कराने की ओर ले जाएंगे, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने उनके मंसूबों पर पूरी तरह पानी फेर दिया:
स्नेह राणा का पहला प्रहार: दिन की शुरुआत में ही स्नेह राणा ने सेट बल्लेबाज एमी जोन्स (54 रन) को शैफाली वर्मा के हाथों कैच कराकर इंग्लैंड की सबसे बड़ी उम्मीद को तोड़ दिया।
दीप्ति शर्मा की घातक गेंदबाजी: इसके बाद दीप्ति शर्मा ने मोर्चा संभाला। उन्होंने सोफी एक्लेस्टोन और इजी वॉन्ग के बीच पनप रही 22 रन की साझेदारी को तोड़ा और वॉन्ग को महज 1 रन पर पवेलियन का रास्ता दिखाया। अगले ही ओवर में दीप्ति ने लॉरेन बेल को शून्य (0) पर आउट कर इंग्लैंड की हार तय कर दी।
एक्लेस्टोन का संघर्ष नाकाम, भारत ने रचा नया कीर्तिमान
इंग्लैंड की तरफ से सोफी एक्लेस्टोन ने एक छोर संभाले रखा और अकेले संघर्ष करते हुए 50 रन बनाए, जो टेस्ट क्रिकेट में उनका अब तक का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है। मैच के दौरान एक समय उन्हें डीआरएस (DRS) के जरिए जीवनदान भी मिला, लेकिन आखिरकार स्नेह राणा ने उन्हें आउट कर इंग्लैंड की पारी का अंत किया और भारत की ऐतिहासिक जीत पर मुहर लगा दी।
इस मुकाबले में बल्ले से यास्तिका भाटिया का शानदार प्रदर्शन और गेंद से स्नेह राणा व युवा तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ की जुगलबंदी भारत के लिए निर्णायक साबित हुई। भारतीय टीम ने खेल के हर विभाग (बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग) में इंग्लैंड को पछाड़कर लॉर्ड्स के मैदान पर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।
