18 साल का ऐतिहासिक सफर खत्म: स्टीफन फ्लेमिंग ने छोड़ा चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का साथ
18 साल का ऐतिहासिक सफर खत्म: स्टीफन फ्लेमिंग ने छोड़ा चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का साथ
चेन्नई:
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के इतिहास की सबसे सफल जोड़ियों में से एक—चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और उनके मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने 18 साल बाद अपने रास्ते अलग करने का बड़ा फैसला किया है। फ्रेंचाइजी ने सोमवार (13 जुलाई) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर इस बात की आधिकारिक घोषणा की। आपसी सहमति से लिए गए इस फैसले के साथ ही आईपीएल के इतिहास के सबसे लंबे और सबसे कामयाब कोचिंग कार्यकाल का अंत हो गया है।
खिलाड़ी से लेकर 5 बार चैंपियन बनाने वाले कोच तक का सफर
न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग का सीएसके के साथ रिश्ता साल 2008 में आईपीएल के पहले सीजन में एक खिलाड़ी के रूप में शुरू हुआ था। इसके अगले ही साल, यानी 2009 में उन्होंने टीम के हेड कोच की कमान संभाली। उनके मार्गदर्शन में सीएसके ने फ्रेंचाइजी क्रिकेट का सबसे सुनहरा दौर देखा:
आईपीएल खिताब: 5 बार चैंपियन (मुंबई इंडियंस के साथ संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा)
चैंपियंस लीग टी20: 2 बार की ट्रॉफी पर कब्जा
प्लेऑफ और फाइनल: रिकॉर्ड 12 बार प्लेऑफ में जगह बनाई और 10 बार फाइनल मुकाबला खेला।
”फ्लेमिंग हमारी कोचिंग यूनिट की जान रहे हैं” – रूपा गुरुनाथ
इस भावुक विदाई पर सीएसके की मालकिन रूपा गुरुनाथ ने फ्लेमिंग के योगदान की सराहना करते हुए कहा, “स्टीफन फ्लेमिंग लगभग दो दशकों से हमारी कोचिंग यूनिट की जान रहे हैं। उन्होंने हमारी पहचान, विजन और शानदार प्रदर्शन के जज्बे को आकार दिया है। भले ही मैदान पर हमारा साथ खत्म हो रहा है, लेकिन वह हमेशा टीम की विरासत का एक अहम हिस्सा बने रहेंगे।”
वहीं, टीम के मैनेजिंग डायरेक्टर काशी विश्वनाथन ने कहा कि फ्लेमिंग ने टीम में निरंतरता, विनम्रता और टीम को सर्वोपरि रखने वाले जिस कल्चर को स्थापित किया, उसकी वजह से ही आज सीएसके इस मुकाम पर है।
”सिर्फ शुक्रगुजारी के साथ जा रहा हूं” – स्टीफन फ्लेमिंग
सीएसके से अलग होने पर भावुक होते हुए स्टीफन फ्लेमिंग ने इसे अपने कोचिंग करियर का सबसे खास अनुभव बताया। उन्होंने कहा, “खेल की दुनिया में 18 साल का समय बहुत लंबा होता है, और मैं यहां से सिर्फ शुक्रगुजारी की भावना के साथ जा रहा हूं। हमने जो कुछ भी हासिल किया, उस पर मुझे गर्व है। हमने यादगार जीत हासिल कीं, मुश्किल पलों का मिलकर सामना किया। सीएसके हमेशा मेरे दिल के करीब रहेगी और मैं आगे भी टीम का हौसला बढ़ाता रहूंगा।”
