अमेरिका-ईरान जंग और हुई भीषण: बहरीन-कुवैत में अमेरिकी सैन्य बेस पर मिसाइल हमले, खाड़ी देशों में हाई अलर्ट
अमेरिका-ईरान जंग और हुई भीषण: बहरीन-कुवैत में अमेरिकी सैन्य बेस पर मिसाइल हमले, खाड़ी देशों में हाई अलर्ट
तेहरान/वाशिंगटन:
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव अब एक बड़े और विनाशकारी क्षेत्रीय युद्ध में तब्दील होता जा रहा है। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में ईरानी सेना द्वारा कमर्शियल जहाजों पर की गई फायरिंग के जवाब में अमेरिका ने ईरान के तटीय इलाकों पर भीषण बमबारी शुरू कर दी है। वहीं पलटवार करते हुए ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने बहरीन, कुवैत, ओमान और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इस भारी गोलाबारी के बाद बहरीन सहित कई खाड़ी देशों में ‘एयर रेड सायरन’ बजाकर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
24 घंटे में अमेरिका की तीसरी बड़ी स्ट्राइक, 140 ठिकाने तबाह
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, कमांडर-इन-चीफ के निर्देश पर अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के खिलाफ तीसरे चरण के भीषण हमले शुरू किए हैं। द वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में ईरानी ठिकानों पर यह तीसरा बड़ा हमला है। फॉक्स न्यूज के अनुसार, अमेरिकी सेना ने रात भर में करीब 140 ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे तीन दिनों में कुल अमेरिकी हमलों की संख्या 300 के पार पहुंच गई है। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट में अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर हमला करने की ईरान की क्षमता को कुचलना है। अमेरिकी विमानों ने इस दौरान एक ईरानी क्रूज मिसाइल और एक वन-वे अटैक ड्रोन को हवा में ही मार गिराया है।
ईरान का भीषण पलटवार: अमेरिकी मिसाइल गोदाम और रडार सिस्टम नष्ट
ईरान के सरकारी मीडिया और अल जजीरा के अनुसार, आईआरजीसी ने अपनी जवाबी कार्रवाई के चौथे और पांचवें चरण के तहत खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को दहला दिया है। ईरान ने दावा किया है कि:
कुवैत: यहां स्थित अमेरिकी बेस पर हमला कर सतह से सतह पर मार करने वाले दो ‘HIMARS’ मिसाइल लॉन्चर और मिसाइलों से भरे गोदामों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया, जिससे वहां भीषण आग लग गई। इस ड्रोन हमले में कुवैत ऑयल कंपनी के एक ऑफशोर ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म को भी नुकसान पहुंचा है और एक कर्मचारी घायल हुआ है।
ओमान: ओमान में स्थित अमेरिका की लंबी दूरी की एफपीएस हवाई निगरानी रडार और पोत पहचान (वेसल डिटेक्शन) रडार प्रणालियों को मिसाइल दागकर पूरी तरह तबाह कर दिया गया है।
बहरीन: बहरीन के जुफैर में स्थित अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों पर ड्रोन हमले किए गए, जिसके बाद बहरीन के गृह मंत्रालय ने देश में एयर रेड सायरन बजाकर नागरिकों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी है।
तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, ईरान ने बंदर अब्बास क्षेत्र में एक अमेरिकी निर्मित “लुकास” आत्मघाती ड्रोन को भी मार गिराने का दावा किया है।
”यह हमला नहीं, हमारा कानूनी सेल्फ-डिफेंस है” – ईरान
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा इस सैन्य बढ़ोतरी की आलोचना किए जाने पर कड़ा विरोध जताया है। बाघेई ने कहा कि यह कोई ‘सैन्य टकराव’ नहीं है, बल्कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किए गए उस अवैध हमले का सिलसिला है जिसमें पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई मारे गए थे। तेहरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह खाड़ी देशों की धरती का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए एक ‘लॉन्चपैड’ की तरह कर रहा है। ईरान ने अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला देते हुए बहरीन और कुवैत में अमेरिकी संपत्तियों पर किए गए हमलों को अपना कानूनी ‘सेल्फ-डिफेंस’ बताया है। इसके साथ ही उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के 1994 और 1999 के निर्देशों का हवाला देते हुए इस क्षेत्र के लिए ‘पर्सियन गल्फ’ (फारस की खाड़ी) शब्द का ही इस्तेमाल करने पर जोर दिया।
संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी: वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए होंगे खतरनाक नतीजे
इलाके में तेजी से बिगड़ते हालातों पर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गहरी चिंता व्यक्त की है। यूएन चीफ के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने एक बयान जारी कर कहा कि जहाजों पर ईरानी हमले, ईरान पर अमेरिकी बमबारी और पड़ोसी देशों में हो रहे ये तमाम हमले तुरंत बंद होने चाहिए। गुटेरेस ने चेतावनी दी है कि यदि यह दुश्मनी और बड़े पैमाने पर आगे बढ़ी, तो इसके पूरे क्षेत्र, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था (विशेषकर तेल और गैस क्षेत्र) के लिए बेहद खतरनाक नतीजे होंगे। उन्होंने वाशिंगटन और तेहरान से तुरंत कूटनीतिक बातचीत शुरू करने और संयम बरतने की अपील की है।
