यानिक सिनर फिर बने विंबलडन चैंपियन: हाई वोल्टेज फाइनल में अलेक्जेंडर ज्वेरेव को दी शिकस्त, जीता करियर का 5वां ग्रैंड स्लैम
यानिक सिनर फिर बने विंबलडन चैंपियन: हाई वोल्टेज फाइनल में अलेक्जेंडर ज्वेरेव को दी शिकस्त, जीता करियर का 5वां ग्रैंड स्लैम
लंदन:
दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी यानिक सिनर ने इतिहास रचते हुए लगातार दूसरी बार विंबलडन (Wimbledon 2026) का पुरुष सिंगल्स खिताब अपने नाम कर लिया है। 12 जुलाई को खेले गए एक बेहद रोमांचक और हाई वोल्टेज फाइनल मुकाबले में इटली के सिनर ने जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव को मात दी। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही 24 वर्षीय सिनर ने अपने करियर की पांचवीं ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी पर कब्जा जमाया है।
शुरुआती सेटों में दोनों खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर
फाइनल मैच की शुरुआत बेहद उतार-चढ़ाव भरी रही। पहले सेट में दोनों खिलाड़ियों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी, जिसके चलते मुकाबला टाईब्रेक में पहुंच गया। ज्वेरेव ने शानदार फोरहैंड विनर शॉट लगाकर पहला सेट अपने नाम किया। दूसरे सेट में भी मुकाबला बराबरी का रहा, लेकिन अंत में ज्वेरेव थोड़े हताश नजर आए। सिनर ने इस मौके का पूरा फायदा उठाते हुए टाईब्रेक में दूसरा सेट जीतकर मैच में 1-1 की बराबरी कर ली।
मैच के बीच चोटिल हुए ज्वेरेव, गुस्से में तोड़ा रैकेट
ढाई घंटे से अधिक समय तक चले इस मुकाबले के तीसरे सेट में एक बड़ा मोड़ आया। सिनर के एक ड्रॉप शॉट को रिटर्न करने के प्रयास में ज्वेरेव कोर्ट पर बुरी तरह फिसल गए। उनके दाहिने घुटने में गंभीर चोट आई और वह दर्द से कराह उठे। हालांकि, पट्टी (बैंडेज) बंधवाने के बाद ज्वेरेव ने हौसला दिखाते हुए खेलना जारी रखा, लेकिन वे अपनी लय खो चुके थे। सिनर ने उनका सर्विस गेम ब्रेक कर सेट में 5-3 की बढ़त बना ली, जिससे हताश होकर ज्वेरेव ने गुस्से में अपना रैकेट कोर्ट पर ही पटक दिया। सिनर ने यह सेट जीतकर मैच में 2-1 की बढ़त बना ली।
आखिरी सेट में सिनर का एकतरफा दबदबा
चौथे और निर्णायक सेट में नंबर एक खिलाड़ी यानिक सिनर ने ज्वेरेव को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। उन्होंने ज्वेरेव की सर्विस ब्रेक करते हुए 4-3 की बढ़त बनाई और फिर एकतरफा अंदाज में सेट और मैच दोनों अपने नाम कर लिए। जीत दर्ज करते ही सिनर खुशी के मारे कोर्ट की घास पर लेट गए।
सिनर ने बनाए कई अनोखे रिकॉर्ड
इस जीत के साथ यानिक सिनर ने अलेक्जेंडर ज्वेरेव के खिलाफ लगातार अपनी 10वीं जीत दर्ज की है।
वह टेनिस के इतिहास में लगातार दो बार विंबलडन का खिताब जीतने वाले दुनिया के 10वें खिलाड़ी बन गए हैं।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले, यानी 11 जुलाई को खेले गए महिला सिंगल्स के फाइनल मुकाबले में लिंडा नोस्कोवा ने खिताबी जीत हासिल की थी।
