मानसून सत्र से पहले कांग्रेस की बड़ी बैठक: 16 जुलाई को सोनिया गांधी ने बुलाई संसदीय दल की बैठक, NEET और चंदा चोरी पर सरकार को घेरने की रणनीति
मानसून सत्र से पहले कांग्रेस की बड़ी बैठक: 16 जुलाई को सोनिया गांधी ने बुलाई संसदीय दल की बैठक, NEET और चंदा चोरी पर सरकार को घेरने की रणनीति
नई दिल्ली: संसद का आगामी मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है, जो 13 अगस्त तक चलेगा। इस सत्र के बेहद हंगामेदार रहने के आसार हैं क्योंकि विपक्ष कई ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है। इसी सिलसिले में कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की एक महत्वपूर्ण बैठक 16 जुलाई को सुबह 11 बजे दिल्ली में बुलाई गई है।
यह बैठक कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास ’10 जनपथ’ पर होगी। बैठक में सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत पार्टी के कई प्रमुख सांसद शामिल होंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मानसून सत्र के दौरान सरकार के खिलाफ चक्रव्यूह तैयार करना और फ्लोर मैनेजमेंट की रणनीति बनाना है।
इन बड़े मुद्दों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस
संसद के भीतर सरकार को बैकफुट पर लाने के लिए कांग्रेस ने अपने तरकश के तीर तैयार कर लिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों को संसद में जोर-शोर से उठाएगी:
NEET पेपर लीक विवाद: देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर कांग्रेस सरकार से सीधे जवाब मांगेगी।
राम मंदिर चंदा चोरी का आरोप: मंदिर निर्माण और जमीन खरीद में लगे कथित वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों पर सरकार को घेरा जाएगा।
एथनॉल नीति: एथनॉल और अन्य आर्थिक व नीतिगत मुद्दों को लेकर भी कांग्रेस सरकार पर हमलावर रुख अपनाएगी।
बिखरते कुनबे के बीच विपक्षी एकजुटता की चुनौती
इस बैठक में रणनीति बनाने के साथ-साथ विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने (विपक्षी एकजुटता) की कोशिशों पर भी गहन मंथन होगा। कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ तालमेल बिठाने की है, क्योंकि हाल के दिनों में गठबंधन को बड़े झटके लगे हैं।
द्रमुक (DMK) पहले ही कांग्रेस से अलग हो चुकी है, वहीं आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी खुद को इंडिया गठबंधन से बाहर घोषित कर दिया है। ऐसे में पूरे राजनीतिक जगत की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कांग्रेस बिखरे हुए विपक्ष के बीच कैसे तालमेल बिठाती है और संसद के भीतर सरकार के खिलाफ कितनी मजबूत घेराबंदी कर पाती है।
