राजनीति

बांकीपुर उपचुनाव: RJD ने ठोका दावा, प्रशांत किशोर के चुनावी डेब्यू से मुकाबला हुआ त्रिकोणीय; महागठबंधन में बढ़ी रार

बांकीपुर उपचुनाव: RJD ने ठोका दावा, प्रशांत किशोर के चुनावी डेब्यू से मुकाबला हुआ त्रिकोणीय; महागठबंधन में बढ़ी रार

​पटना: बिहार की राजधानी पटना की सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में से एक ‘बांकीपुर विधानसभा सीट’ पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा सोमवार (6 जुलाई 2026) को औपचारिक अधिसूचना जारी करने के साथ ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

​इस बीच, मुख्य विपक्षी खेमे यानी महागठबंधन के भीतर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बांकीपुर सीट पर अपनी मजबूत दावेदारी पेश करते हुए चुनाव लड़ने का खुला एलान कर दिया है। आरजूद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने सोमवार को स्पष्ट किया कि पार्टी इस उपचुनाव में अपना उम्मीदवार मैदान में उतारेगी, जिससे महागठबंधन के सहयोगी दल कांग्रेस की चिंताएं बढ़ गई हैं।

​”हमारा जनाधार मजबूत, इस बार जनता जिताएगी”— RJD

​आरजेडी प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने पार्टी के दावे को सही ठहराते हुए पिछले चुनावों के आंकड़ों का हवाला दिया। उन्होंने कहा:

​पिछला प्रदर्शन: पिछले विधानसभा चुनाव में भी इस सीट से राष्ट्रीय जनता दल ने ही चुनाव लड़ा था और पार्टी प्रत्याशी को करीब 50 हजार वोट मिले थे।

​बढ़ा जनाधार: हालांकि पिछली बार पार्टी को जीत नसीब नहीं हुई, लेकिन बांकीपुर जैसे शहरी और पारंपरिक रूप से भाजपा के गढ़ माने जाने वाले क्षेत्र में राजद का वोट बैंक पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुआ है।

​जीत का भरोसा: उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर के मतदाताओं ने इस बार आरजेडी को जिताने का मन बना लिया है। कार्यकर्ताओं ने जमीन पर जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है और इस बार परिणाम पार्टी के पक्ष में होंगे।

​महागठबंधन में असमंजस: कांग्रेस भी पीछे हटने को तैयार नहीं

​आरजेडी के इस एकतरफा एलान ने महागठबंधन के भीतर की दरार को उजागर कर दिया है।

​दूसरी ओर से कांग्रेस भी इस सीट पर लगातार अपना दावा ठोक रही है और अपने उम्मीदवार को उतारने की तैयारी में है।

​राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर गहरी चर्चा है कि क्या दोनों दल आपसी सहमति से किसी एक नाम पर राजी होंगे, या फिर साल 2026 के इस अहम उपचुनाव में दोनों मित्र दल आमने-सामने आकर दो-दो हाथ करेंगे। सबकी नजरें अब लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।

​प्रशांत किशोर का चुनावी ‘डेब्यू’ और जनशक्ति जनता दल की एंट्री

​बांकीपुर का यह उपचुनाव केवल महागठबंधन और एनडीए की लड़ाई नहीं रह गया है, बल्कि कई नए समीकरणों के कारण बेहद दिलचस्प हो चुका है:

​प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी: चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर की ‘जन सुराज पार्टी’ (JSP) ने सबको चौंकाते हुए बांकीपुर से खुद प्रशांत किशोर को ही अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। पीके का यह पहला प्रत्यक्ष चुनावी मुकाबला (इलेक्टोरल डेब्यू) होगा, जिससे इस शहरी सीट पर मुकाबला बेहद कड़ा और त्रिकोणीय हो गया है। पीके ने इसे एनडीए सरकार के कामकाज पर एक ‘जनमत संग्रह’ करार दिया है।

​जनशक्ति जनता दल (तेज प्रताप यादव): पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव की पार्टी ‘जनशक्ति जनता दल’ ने भी इस रण में कूदने का मन बनाया है। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता वीना मानवी को अपना उम्मीदवार घोषित कर चुनावी मुकाबले को और अधिक बहुकोणीय बना दिया है।

​क्यों खाली हुई बांकीपुर सीट और क्या है चुनावी शेड्यूल?

​यह सीट भाजपा के कद्दावर नेता और लगातार 5 बार के विधायक नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद खाली हुई है। नितिन नवीन वर्तमान में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं और मार्च-अप्रैल 2026 में राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद उन्होंने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। बांकीपुर को भाजपा का सबसे सुरक्षित किला माना जाता है।

​निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा घोषित कार्यक्रम:

​नामांकन की अवधि: 6 जुलाई 2026 से 13 जुलाई 2026 तक

​नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी (जांच): 14 जुलाई 2026

​नाम वापसी की अंतिम तिथि: 16 जुलाई 2026

​मतदान की तारीख: 30 जुलाई 2026

​मतगणना और परिणाम: 3 अगस्त 2026

​जहां एक तरफ जन सुराज, आरजेडी और कांग्रेस अपनी गोटियां सेट करने में जुटे हैं, वहीं अब सभी की निगाहें भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर टिकी हैं कि वह अपने इस अजेय दुर्ग को बचाने के लिए नितिन नवीन की जगह किस चेहरे पर दांव लगाती है।

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