राम मंदिर के बाद अब बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी का आरोप: BKTC ने गठित की 4 सदस्यीय जांच कमेटी
राम मंदिर के बाद अब बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी का आरोप: BKTC ने गठित की 4 सदस्यीय जांच कमेटी
देहरादून/बदरीनाथ: अयोध्या के राम मंदिर के बाद अब उत्तराखंड के प्रसिद्ध भू-वैकुंठ बदरीनाथ धाम मंदिर में भी चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितता और चोरी का एक गंभीर मामला सामने आया है. बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए शनिवार (4 जुलाई 2026) को चार सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया है.
सीईओ की निगरानी में 4 सदस्यीय टीम करेगी जांच
बीकेटीसी (BKTC) से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बदरीनाथ धाम मंदिर के चढ़ावे में हुई कथित चोरी और वित्तीय अनियमितता की निष्पक्ष जांच के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सोहन रांगड़ के निर्देशन में चार सदस्यीय टीम बनाई गई है.
इस जांच समिति में निम्नलिखित वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है:
शिशुपाल सिंह बर्तवाल (विधि अधिकारी)
हेम कांडपाल (वित्त नियंत्रक)
राजन नैथानी (मुख्य प्रशासनिक अधिकारी)
डबर सिंह भुजवान (प्रभारी अधिकारी, केदारनाथ)
यह पूरी टीम मामले की गहनता से जांच करने के बाद अपनी विस्तृत रिपोर्ट बीकेटीसी के सीईओ को सौंपेगी.
क्या है पूरा मामला?
बदरीनाथ धाम में चोरी का यह विवाद तब गरमाया जब ‘भैरव सेना संगठन’ के संस्थापक अध्यक्ष संदीप खत्री ने मंदिर समिति के ही एक कर्मचारी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए. संदीप खत्री ने बीकेटीसी के सीईओ को एक शिकायती पत्र सौंपते हुए दावा किया कि उन्हें पुख्ता सूचना मिली है कि बदरीनाथ मंदिर के भीतर चढ़ावे की चोरी की गई है.
शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि मंदिर के कर्मचारी द्वारा की गई यह पूरी संदिग्ध घटना वहां लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में भी कैद हुई है. इस पत्र के सामने आने के बाद से ही तीर्थनगरी और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया था.
”दोषी पाए जाने पर होगी सख्त कार्रवाई” — बीकेटीसी अध्यक्ष
इस संवेदनशील मामले पर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि मामला जैसे ही उनके संज्ञान में आया, उन्होंने तुरंत उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए थे.
अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने साफ तौर पर चेतावनी देते हुए कहा है कि देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र बदरीनाथ धाम की शुचिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. यदि जांच में मंदिर समिति का कोई भी कर्मचारी या अधिकारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी तौर पर बेहद सख्त दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
