जोधपुर को मिली नए टर्मिनल की सौगात; पीएम मोदी बोले— ‘गंभीर वैश्विक संकट में भी भारत ने दुनिया को दिखाया अपनी कूटनीति का जलवा’
जोधपुर को मिली नए टर्मिनल की सौगात; पीएम मोदी बोले— ‘गंभीर वैश्विक संकट में भी भारत ने दुनिया को दिखाया अपनी कूटनीति का जलवा’
जोधपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (4 जुलाई 2026) को राजस्थान के जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का भव्य उद्घाटन किया. इस नए प्रोजेक्ट के जरिए राजस्थान को आधुनिक विकास की एक बड़ी सौगात मिली है. उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि नया टर्मिनल भवन यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के साथ-साथ पूरे राजस्थान में पर्यटन, व्यापार और नए आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा.
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने एक बेहद महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करते हुए बताया कि कैसे भारत ने कूटनीतिक और आर्थिक मोर्चों पर सही फैसले लेकर 21वीं सदी के सबसे बड़े वैश्विक ऊर्जा संकट का सफलतापूर्वक सामना किया.
मजबूत इच्छाशक्ति से भारत ने ऊर्जा संकट पर पाया काबू
पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) के हालातों और युद्ध का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “पश्चिम एशिया की जंग ने 21वीं शताब्दी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट को जन्म दिया था. लेकिन 21वीं सदी के नए भारत की मजबूत इच्छाशक्ति और प्रयासों ने इस भारी संकट पर काबू पा लिया. भारत ने हर स्तर पर सही समय पर सटीक निर्णय लिए, वक्त रहते संकट का सही आकलन किया और एक बेहद असरदार रणनीति बनाई. हमने अपने आंतरिक संसाधनों का संतुलित प्रयोग किया और अपनी कूटनीतिक ताकत का सकारात्मक इस्तेमाल करके देश को इस संकट से बाहर निकाला.”
अफवाह फैलाने वालों को दिया करारा जवाब
प्रधानमंत्री ने मुश्किल हालातों में राजनीति करने वालों और अफवाहें फैलाने वालों पर तीखा निशाना साधा. उन्होंने कहा, “यह सफलता तब मिली है जब कुछ ताकतें सार्वजनिक तौर पर देश में अफवाहें और डर का माहौल पैदा करने में लगी थीं. उस दौर में जिस तरह से हालातों को संभाला गया, जो कड़ी मेहनत, धैर्य और नीतिगत व कूटनीतिक स्तर पर कदम उठाए गए, वे सब इतिहास में दर्ज हो गए हैं. वह वाकई अभूतपूर्व था.” उन्होंने आगे कहा कि राजनीति के खेल खेलने वाले और लोगों को भड़काने वाले अपने गलत इरादों में कभी सफल नहीं हो पाए. दूर-सुदूर इलाकों में भी ईंधन (पेट्रोल-डीजल) की सप्लाई में कोई बड़ी बाधा नहीं आने दी गई.
सरकारी खजाने से उठाया 75 हजार करोड़ का घाटा, जनता को दी राहत
आम जनता पर महंगाई का बोझ न पड़ने देने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए पीएम मोदी ने एक बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बताया, “केवल अप्रैल से जून के बीच ही डीजल-पेट्रोल की कीमतों के कारण तेल कंपनियों को 75 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का घाटा सहना पड़ा था. लेकिन हमारी सरकार ने इस पूरे घाटे की जिम्मेदारी देश के सरकारी खजाने पर ली और जनता को प्रभावित नहीं होने दिया. हमने प्रति लीटर 10 रुपये की एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) भी कम की ताकि आम नागरिकों पर इसका बोझ न पड़े.”
संकट काल में 25 से बढ़ाकर 40 से अधिक देशों से मंगाया ईंधन
भारत की वैश्विक साख और बेहतरीन विदेश नीति का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्ध के इस कठिन समय में भारत की दूसरे देशों के साथ दोस्ती बहुत काम आई. संकट शुरू होने से पहले तक भारत केवल 25-26 देशों से ईंधन का आयात करता था, लेकिन संकट के समय भारत की डिप्लोमेसी का जलवा पूरी दुनिया ने देखा.
अच्छे वैश्विक संबंधों के बूते भारत ने युद्ध के दौरान ही 40 से ज्यादा देशों से ईंधन मंगाना शुरू कर दिया. पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा, “भारत ने दुनिया को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि हमारे लिए राष्ट्रहित और हमारे देश के नागरिकों का हित सर्वोपरि है. ‘नागरिक देवो भवः’ ही हमारा मूल मंत्र है.”
