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विराट कोहली ने गुस्से में लिया टेस्ट क्रिकेट से संन्यास, कपिल देव का बड़ा बयान

विराट कोहली ने गुस्से में लिया टेस्ट क्रिकेट से संन्यास, कपिल देव का बड़ा बयान

​पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के फैसले पर एक बड़ा और बेबाक बयान दिया है। कपिल देव का मानना है कि विराट ने यह बड़ा कदम जल्दबाजी और गुस्से में उठाया। उन्होंने कहा कि अगर विराट को टीम से बाहर भी कर दिया जाता, तब भी उन्हें टेस्ट फॉर्मेट को अलविदा कहने के बजाय घरेलू क्रिकेट में रन बनाकर टीम इंडिया में वापसी की कोशिश करनी चाहिए थी।

​’गुस्से और भावनाओं में बहकर नहीं लेने चाहिए ऐसे फैसले’

​कपिल देव ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि विराट कोहली जैसे स्तर के खिलाड़ी को इतना बड़ा फैसला लेने से पहले कुछ महीनों का इंतजार करना चाहिए था। उन्होंने कहा, “गुस्से में आकर ऐसा फैसला नहीं लेना चाहिए था, क्योंकि एक बार जब आप टेस्ट क्रिकेट छोड़ देते हैं, तो फिर भारत के लिए खेलने का दोबारा मौका नहीं मिलता। जब तक आप खेल रहे हैं, तब तक भावनाओं में बहकर कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए।”

​10 हजार टेस्ट रनों से चूक गए विराट

​विराट कोहली ने मई 2025 में इंग्लैंड दौरे के लिए टीम चयन से ठीक पहले अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया था। इसी दौरान रोहित शर्मा ने भी टेस्ट फॉर्मेट को अलविदा कहा था। विराट कोहली का टेस्ट करियर 9,230 रनों पर समाप्त हुआ। वह टेस्ट क्रिकेट में 10 हजार रन के ऐतिहासिक आंकड़े से महज 800 रन से भी कम दूर थे। कपिल देव समेत कई क्रिकेट विशेषज्ञों और फैंस का मानना है कि विराट ने समय से पहले अपने टेस्ट करियर का अंत कर दिया।

​’घरेलू क्रिकेट खेलकर कर सकते थे वापसी’

​कपिल देव ने पूर्व दिग्गज भारतीय बल्लेबाजों मोहिंदर अमरनाथ और अंशुमन गायकवाड़ का उदाहरण देते हुए कहा कि इन खिलाड़ियों ने टीम से बाहर होने के बाद घरेलू क्रिकेट में रनों का पहाड़ तैयार किया और दोबारा टीम इंडिया में वापसी की। कपिल ने कहा, “अगर सेलेक्टर्स टीम में जगह नहीं भी देते, तो निराश होने की जरूरत नहीं थी। विराट में आज भी टेस्ट क्रिकेट खेलने की पूरी क्षमता है। वह घरेलू क्रिकेट में रन बनाते तो उनके लिए वापसी का रास्ता हमेशा खुला रहता।”

​विराट के आक्रामक स्वभाव पर की चर्चा

​कपिल देव ने विराट कोहली के आक्रामक स्वभाव की तुलना टेनिस के महान खिलाड़ी जॉन मैकनरो और पाकिस्तान के पूर्व कप्तान जावेद मियांदाद से की। उन्होंने कहा कि ये ऐसे खिलाड़ी हैं जो मैदान पर जोश और आक्रामकता से ही अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकाल पाते हैं।

​कपिल ने हंसते हुए कहा, “जब भी मैं विराट को खेलते देखता था तो मन में यही आता था कि यार, थोड़ा शांत हो जाओ। लेकिन अगर यही आक्रामक रवैया विराट के प्रदर्शन को बेहतर बनाता है, तो इसमें कोई बुराई नहीं है।”

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