डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर तीखा बयान, कहा— ‘सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार के लिए दिया है एक हफ्ते का वीक ऑफ’
डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर तीखा बयान, कहा— ‘सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार के लिए दिया है एक हफ्ते का वीक ऑफ’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ईरान को लेकर एक बार फिर बेहद आक्रामक और विवादित बयान दिया है। दक्षिण डकोटा के ऐतिहासिक माउंट रशमोर (Mount Rushmore) में आयोजित समारोह के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने “मानवता के नाते” दिवंगत सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार की रस्में पूरी करने के लिए ईरान को ‘वीक ऑफ’ (एक हफ्ते की मोहलत) दिया है।
शुक्रवार रात (स्थानीय समयानुसार) दिए अपने संबोधन में ट्रंप ने जोर देकर कहा कि पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका की सख्त कार्रवाइयों ने ईरानी नेतृत्व को पूरी तरह कमजोर कर दिया है और वे अब समझौता करने की स्थिति में आ चुके हैं।
’हमने ईरान को घुटनों पर ला दिया, अब वे समझौता करना चाहते हैं’
अपने भाषण में राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य और रणनीतिक नीतियों की तारीफ करते हुए कहा:
”हमने ईरान को पूरी तरह से हिला कर रख दिया है। कुछ समय पहले तक वे पूरे मध्य पूर्व में तबाही मचा रहे थे, लेकिन हमने उन्हें घुटनों पर ला दिया है। अब वे किसी भी कीमत पर हमसे समझौता करना चाहते हैं।”
उन्होंने आगे बेहद तीखे लहजे में कहा कि यह अस्थायी विराम पूरी तरह मानवीय कारणों से है। ट्रंप के मुताबिक, “ईरान को मानवता के नाते सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार की रस्मों को पूरा करने के लिए एक हफ्ते की मोहलत दी गई है, क्योंकि हम अच्छे लोग हैं। लेकिन इसके तुरंत बाद, उन्हें अमेरिकी शर्तों को मानना ही होगा।”
वेनेजुएला का जिक्र और जो बाइडेन पर निशाना
ईरान के अलावा डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में वेनेजुएला का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने वेनेजुएला जैसे देशों में भी तेजी से कार्रवाई करते हुए “विजय” हासिल की है और वैश्विक पटल पर अमेरिकी सैन्य शक्ति की धक जमाई है। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की नीतियों की कड़े शब्दों में आलोचना की और उन्हें प्रशासनिक व रणनीतिक अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठहराया।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था और टैरिफ नीतियों पर बड़े दावे
स्वतंत्रता दिवस के इस मंच से ट्रंप ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर अपनी पीठ थपथपाई। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में देश में रिकॉर्ड निवेश और औद्योगिक विकास हुआ है। उन्होंने कहा, “हमारी नई नीतियों और टैरिफ (आयात शुल्क) के कारण देश में कारखानों और निवेश में अभूतपूर्व वृद्धि हो रही है। अमेरिका अब दुनिया का सबसे मजबूत और निवेश के लिहाज से सबसे आकर्षक देश बन गया है।”
