वेनेजुएला में भीषण भूकंप के बाद 4.9 तीव्रता का आफ्टरशॉक, मलबे में तबाही के बीच अब तक 920 से अधिक मौतें
अंतरराष्ट्रीय न्यूज़: वेनेजुएला में भीषण भूकंप के बाद 4.9 तीव्रता का आफ्टरशॉक, मलबे में तबाही के बीच अब तक 920 से अधिक मौतें
काराकास: वेनेजुएला में बुधवार को आए 125 साल के सबसे विनाशकारी जुड़वां (Twin) भूकंप के बाद राहत और बचाव कार्य के बीच शुक्रवार को भी धरती कांप उठी। वेनेजुएला के उत्तरी तट के पास शुक्रवार को एक शक्तिशाली आफ्टरशॉक (भूकंप के बाद के झटके) महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.9 मापी गई है।
इस नए झटके के कारण देश की राजधानी काराकास और माराके (Maracay) शहरों में एक बार फिर दहशत फैल गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए तुरंत इमारतों से निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। लगातार आ रहे इन आफ्टरशॉक्स के कारण मलबे में दबे जीवित लोगों को निकालने के लिए चल रहे वैश्विक रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बुधवार को आए जुड़वां भूकंप ने मचाई थी महातबाही
बता दें कि बुधवार की शाम को वेनेजुएला में एक के बाद एक (महज 40 सेकंड के भीतर) 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भीषण भूकंप आए थे, जिसने उत्तरी वेनेजुएला के हिस्से, खासकर ला गुआरा और राजधानी काराकास को पूरी तरह मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस त्रासदी में अब तक 920 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 4,500 से अधिक लोग घायल हैं।
यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) और संयुक्त राष्ट्र (UN) के अधिकारियों का अनुमान है कि मलबे की विशाल स्थिति को देखते हुए कुल हताहतों (मृतकों और घायलों) की संख्या आने वाले समय में काफी बढ़ सकती है।
अपनों की तलाश में जुटे लोग, 50,000 से अधिक लापता
भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति बेहद हृदयविदारक है। बहुमंजिला इमारतें और पूरी-पूरी कॉलोनियां मोम की तरह ढह चुकी हैं। कई परिवार पूरी तरह से खत्म हो चुके हैं या मलबे के नीचे दबे हुए हैं।
लापता लोगों का आंकड़ा: संयुक्त राष्ट्र और राहत एजेंसियों के अनुसार, आपदा के बाद से 50,000 से अधिक लोग लापता या लापता व्यक्तियों की ट्रैकिंग वेबसाइटों पर अनअकाउंटेड बताए जा रहे हैं।
अपनों की तलाश: सरकारी रेस्क्यू टीमों की कमी और देरी को देखते हुए स्थानीय नागरिक अपने नंगे हाथों, हथौड़ों और पावर टूल्स की मदद से खुद मलबे को हटाकर अपने बच्चों और परिजनों को ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं।
172 से अधिक लोग दबे: वर्तमान में कम से कम 172 लोगों के मलबे के नीचे सीधे फंसे होने की जानकारी है, जिन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू टीमें दिन-रात ‘सन्नाटा’ (Absolute Silence) कराकर मलबे के नीचे से आने वाली आवाजों को सुनने की कोशिश कर रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय मदद पहुंची: भारत ने शुरू किया ‘ऑपरेशन अमिलाद’
वेनेजुएला में आए इस सदी के सबसे बड़े संकट के बाद दुनिया भर के देशों से मदद के हाथ आगे बढ़े हैं:
भारत की मदद: भारत सरकार ने एकजुटता दिखाते हुए ‘ऑपरेशन अमिलाद’ (Operation Amistad) लॉन्च किया है, जिसके तहत भारतीय वायुसेना के दो C-17 ग्लोबमास्टर विमान 41 सदस्यीय विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम और भारी मात्रा में राहत सामग्री लेकर वेनेजुएला रवाना हो चुके हैं।
अन्य देश: अमेरिका, स्पेन, मैक्सिको, स्विट्जरलैंड, कोलंबिया और अल साल्वाडोर समेत कम से कम 17 देशों की खोज और बचाव (Search and Rescue) टीमें खोजी कुत्तों और आधुनिक उपकरणों के साथ जमीन पर काम कर रही हैं।
चूंकि मलबे में दबे लोगों को जीवित निकालने के लिए शुरुआती 72 घंटे सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं, इसलिए अंतरराष्ट्रीय टीमें मलबे को हटाने के काम में पूरी ताकत से जुटी हुई हैं।
