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यूरोप में ‘हीट डोम’ का कहर, भीषण गर्मी से फ्रांस में 18 की मौत, ब्रिटेन में ‘रेड हेल्थ वार्निंग’ जारी

अंतर्राष्ट्रीय समाचार: यूरोप में ‘हीट डोम’ का कहर, भीषण गर्मी से फ्रांस में 18 की मौत, ब्रिटेन में ‘रेड हेल्थ वार्निंग’ जारी

​लंदन/पेरिस। यूरोप के कई हिस्से इस समय रिकॉर्ड तोड़ भीषण गर्मी (हीटवेव) की चपेट में हैं, जिससे जनजीवन, स्वास्थ्य सेवाएं और बुनियादी ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह जानलेवा स्थिति एक “हीट डोम” (Heat Dome) के कारण बनी है, जिसने पश्चिमी यूरोप के ऊपर गर्म हवा को एक ढक्कन की तरह कैद कर दिया है। जलवायु परिवर्तन के कारण यह चरम मौसमी संकट और अधिक गंभीर हो गया है। फ्रांस में दो बच्चों समेत अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि ब्रिटेन और इटली जैसे देशों ने आपातकालीन रेड अलर्ट जारी किया है।

​ब्रिटेन: स्वस्थ लोगों के लिए भी जीवन का खतरा, दूसरी बार ‘रेड अलर्ट’

​यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी (UKHSA) ने इंग्लैंड के छह प्रमुख क्षेत्रों—वेस्ट मिडलैंड्स, ईस्ट मिडलैंड्स, साउथ ईस्ट, साउथ वेस्ट, लंदन और ईस्ट ऑफ इंग्लैंड—के लिए बुधवार सुबह 1 बजे से गुरुवार रात 11 बजे तक ‘रेड हेल्थ वार्निंग’ जारी की है।

​गंभीर चेतावनी: मौसम विभाग के अनुसार, यह स्थिति इतनी खतरनाक है कि केवल बीमार या बुजुर्ग ही नहीं, बल्कि स्वस्थ लोगों के लिए भी जान का जोखिम पैदा हो सकता है।

​बुनियादी ढांचे पर असर: इस भीषण गर्मी का सीधा असर परिवहन, बिजली-पानी की आपूर्ति, खाद्य सुरक्षा और व्यवसायों पर पड़ने की आशंका है।

​टूटेगा 50 साल का रिकॉर्ड: मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस सप्ताह इंग्लैंड और वेल्स में तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे जून 1976 का ऐतिहासिक रिकॉर्ड टूट जाएगा। ब्रिटेन के इतिहास में यह दूसरी बार है जब ऐसी रेड वार्निंग जारी की गई है (इससे पहले जुलाई 2022 में ऐसा हुआ था)।

​फ्रांस: 18 की मौत, 1300 से अधिक स्कूल बंद और परमाणु संयंत्र प्रभावित

​यूरोप में सबसे बदतर हालात फ्रांस के हैं, जहां देश के आधे से अधिक हिस्सों में रेड अलर्ट घोषित है और करीब 3.9 करोड़ आबादी इसकी जद में है।

​दर्दनाक मौतें: सप्ताहांत से अब तक गर्मी के कारण 18 लोग दम तोड़ चुके हैं। इनमें दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं, जो कार के भीतर बंद रहने के कारण बेहोश पाए गए थे।

​आपातकालीन कदम: हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने आपात बैठक बुलाई है। देश भर में 1,350 से अधिक स्कूलों को एहतियातन बंद कर दिया गया है। पेरिस में जून महीने का रिकॉर्ड 38.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज होने की आशंका है।

​ऊर्जा संकट: दक्षिण-पश्चिम फ्रांस में स्थिति इतनी विकट हो गई है कि नदी का पानी अत्यधिक गर्म होने के कारण एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Nuclear Plant) के रिएक्टर को बंद करना पड़ा है, क्योंकि इस पानी का उपयोग रिएक्टर को ठंडा करने के लिए किया जाता था।

​इटली, स्पेन और जर्मनी में भी हाहाकार

​स्पेन: आमतौर पर ठंडे माने जाने वाले उत्तरी इलाकों में तापमान सामान्य से 10 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर चला गया है। सान सेबेस्टियन जैसे ठंडे तटीय क्षेत्र में भी पारा 40 डिग्री सेल्सियस छू रहा है।

​जर्मनी: सप्ताहांत में गर्मी से राहत पाने के लिए तैराकी करने गए 5 लोगों की डूबने से मौत हो गई। वहीं फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट के रनवे पर विमान के काफी देर तक खड़े रहने के कारण उमस और गर्मी से यात्रियों की तबीयत बिगड़ने की खबरें आईं।

​इटली और बेल्जियम: इटली प्रशासन ने देश के 12 बड़े शहरों के लिए रेड हीट अलर्ट जारी किया है। वहीं बेल्जियम के मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि यह हीटवेव एक सप्ताह से अधिक खिंच सकती है और तापमान के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त हो सकते हैं।

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