फाइव आइज’ खुफिया गठबंधन की बड़ी चेतावनी, कुछ ही महीनों में आ सकते हैं बेहद खतरनाक साइबर हमलों में सक्षम AI मॉडल
अंतर्राष्ट्रीय समाचार: ‘फाइव आइज’ खुफिया गठबंधन की बड़ी चेतावनी, कुछ ही महीनों में आ सकते हैं बेहद खतरनाक साइबर हमलों में सक्षम AI मॉडल
लंदन। दुनिया की पांच सबसे शक्तिशाली खुफिया एजेंसियों के गठबंधन ‘फाइव आइज’ (Five Eyes) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर एक बेहद गंभीर और दुर्लभ संयुक्त चेतावनी जारी की है। एजेंसियों का कहना है कि आगामी कुछ ही महीनों में ऐसे सुपर एडवांस और शक्तिशाली एआई मॉडल सामने आ सकते हैं, जिनमें विभिन्न देशों की सरकारों और बड़ी कंपनियों के नेटवर्क पर विनाशकारी साइबर हमले करने की क्षमता होगी। खुफिया नेटवर्क ने वैश्विक नेताओं से बिना किसी देरी के इस पर तुरंत कड़े कदम उठाने की अपील की है।
आमतौर पर यह खुफिया गठबंधन इस तरह के सार्वजनिक और संयुक्त बयान जारी नहीं करता है, जिससे इस खतरे की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए एआई टेक कंपनी ‘एंथ्रोपिक’ के चर्चित मॉडल ‘फेबल’ के विदेशी नागरिकों द्वारा इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी।
महीनों में बदल जाएगी साइबर सुरक्षा की तस्वीर
द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार देर रात जारी संयुक्त बयान में फाइव आइज एजेंसियों ने कहा कि एआई भविष्य में भले ही साइबर सुरक्षा को मजबूत करने में मदद करे, लेकिन इसके साथ ही यह साइबर खतरों की रफ्तार, पैमाने और जटिलता को भी अप्रत्याशित रूप से बढ़ा देगा।
गठबंधन ने अपने बयान में स्पष्ट किया, “एडवांस एआई मॉडल हमारी वर्तमान उम्मीदों से कहीं आगे निकल सकते हैं। ये साइबर हमलों और साइबर सुरक्षा दोनों की क्षमता को पूरी तरह से बदलने की ताकत रखते हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह बड़ा बदलाव सालों में नहीं, बल्कि महज कुछ ही महीनों के भीतर आने वाला है।” एजेंसियों के अनुसार, इस एआई क्रांति के कारण बुरे इरादे रखने वाले हैकर्स के लिए बेहद जटिल हमले करना आसान हो जाएगा, जिससे निपटने के लिए पूरे समाज और संगठनों को मिलकर काम करना होगा।
’मिथोस’ और ‘GPT-5.5’ को लेकर बढ़ी वैश्विक चिंता
खुफिया एजेंसियों की यह त्वरित चेतावनी इस बात का साफ संकेत है कि वैश्विक स्तर पर सरकारें एंथ्रोपिक के “मिथोस” (Mythos) और ओपनएआई (OpenAI) के “GPT-5.5 साइबर” जैसे आगामी एआई मॉडलों को लेकर अत्यधिक चिंतित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये मॉडल किसी भी आम यूजर को बहुत कम समय में बेहद खतरनाक और जटिल साइबर हमले करने में सक्षम बना सकते हैं।
गौरतलब है कि इसी महीने अमेरिकी सरकार के कड़े रुख के बाद एंथ्रोपिक को अपने सुपर एडवांस मॉडल्स ‘क्लॉड मिथोस 5’ और ‘फेबल 5’ को विदेशी नागरिकों के लिए प्रतिबंधित करना पड़ा था। लगभग इसी दौरान, अमेरिकी साइबर सुरक्षा एजेंसी ‘सीसा’ (CISA) ने भी एआई के बढ़ते खतरों को देखते हुए अमेरिकी सरकारी विभागों को अपने नेटवर्क की डिजिटल कमजोरियों (बग्स) को ठीक करने की समयसीमा घटाकर महज तीन दिन कर दी थी।
क्या है ‘फाइव आइज’ गठबंधन?
फाइव आइज (Five Eyes) दुनिया का सबसे पुराना, सुरक्षित और गहरा खुफिया नेटवर्क है, जिसे दूसरे विश्व युद्ध के बाद स्थापित किया गया था। इस गठबंधन में पांच देश शामिल हैं:
अमेरिका
ब्रिटेन
कनाडा
ऑस्ट्रेलिया
न्यूजीलैंड
इतिहास और काम: इस नेटवर्क की शुरुआत साल 1946 में अमेरिका और ब्रिटेन के बीच हुए एक गुप्त समझौते से हुई थी। इसके बाद 1948 में कनाडा और 1956 में ऑस्ट्रेलिया व न्यूजीलैंड इसका हिस्सा बने। ये पांचों देश अपनी आंतरिक व बाहरी सुरक्षा और वैश्विक खतरों से निपटने के लिए ‘सिग्नल इंटेलिजेंस’ (SIGINT) और महत्वपूर्ण खुफिया जानकारियां आपस में साझा करते हैं।
