NEET (UG): देहरादून में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, शांतिपूर्ण परीक्षा के लिए लागू हुई BNSS की धारा 163
NEET (UG): देहरादून में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, शांतिपूर्ण परीक्षा के लिए लागू हुई BNSS की धारा 163
देहरादून: देशभर में 21 जून 2026 को आयोजित होने वाली नीट (UG) परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए देहरादून पुलिस और प्रशासन ने कमर कस ली है। परीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए देहरादून के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (ADM) कृष्ण कुमार मिश्रा ने जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून के निर्देश पर पुलिस लाइन में परीक्षा ड्यूटी में तैनात सभी पुलिसकर्मियों को ब्रीफिंग कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
कंट्रोल रूम, जैमर और सीसीटीवी की होगी सघन जांच
पुलिस अधिकारियों ने सभी जोनल पुलिस अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों का पहले से निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
तकनीकी जांच: केंद्रों पर कंट्रोल रूम, जैमर और सीसीटीवी कैमरे समय से स्थापित करने और उनकी कार्यशीलता की जांच करने को कहा गया है ताकि परीक्षा के दौरान कोई तकनीकी बाधा न आए।
समय से पहले निरीक्षण: परीक्षा के दिन सभी जोनल अधिकारी तय समय से 4 घंटे पहले अपने-अपने केंद्रों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का अंतिम जायजा लेंगे।
भौतिक सुरक्षा पर विशेष ध्यान
प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों की भौतिक सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। सभी केंद्रों की चारदीवारी (बाउंड्री वॉल) का निरीक्षण किया जाएगा। यदि कहीं भी दीवार क्षतिग्रस्त मिलती है, तो उसे तुरंत ठीक कराने के लिए संबंधित प्रधानाचार्य और उच्चाधिकारियों को सूचित किया जाएगा।
सघन चेकिंग (फ्रिस्किंग) के बाद ही मिलेगा प्रवेश
परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। परीक्षा में शामिल होने वाले हर अभ्यर्थी की निर्धारित गाइडलाइंस के अनुसार सघन जांच और फ्रिस्किंग की जाएगी, जिसके बाद ही उन्हें केंद्र के भीतर जाने की अनुमति होगी। परीक्षार्थियों के अलावा किसी भी अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा।
होटल, ढाबों और गेस्ट हाउसों की होगी चेकिंग
सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए पुलिस ने बाहरी तत्वों पर भी नजर रखने की योजना बनाई है:
मोबाइल पुलिस पार्टियां: परीक्षा केंद्रों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों और व्यक्तियों पर नजर रखने के लिए मोबाइल पुलिस टीमें गश्त करेंगी।
सत्यापन अभियान: सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों के होटल, ढाबों, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं की नियमित चेकिंग करें। वहां ठहरे लोगों का सत्यापन किया जाएगा और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
