भानु सप्तमी: रविवार को विशेष संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय
नई दिल्ली: हिंदू धर्म में भानु सप्तमी का विशेष महत्व है। जब मार्गशीर्ष या किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि रविवार के दिन पड़ती है, तो उसे भानु सप्तमी कहा जाता है। रविवार का दिन भगवान सूर्य देव को समर्पित है, इसलिए इस दिन सप्तमी तिथि का होना बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और सूर्य देव की पूजा करने से आरोग्य, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
भानु सप्तमी शुभ मुहूर्त
सप्तमी तिथि प्रारंभ: शनिवार रात 11:45 बजे से
सप्तमी तिथि समाप्त: रविवार रात 10:15 बजे तक
पूजा का उत्तम मुहूर्त: सुबह 06:45 बजे से सुबह 10:30 बजे तक
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय: सुबह 05:42 बजे
सूर्यास्त: शाम 07:12 बजे
राहुकाल का समय
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राहुकाल के दौरान कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है। भानु सप्तमी के दिन राहुकाल का समय इस प्रकार रहेगा:
राहुकाल: शाम 04:30 बजे से शाम 06:00 बजे तक
पूजा विधि और महत्व
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद तांबे के लोटे में जल, अक्षत, रोली और लाल फूल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए। इसके बाद सूर्य चालीसा या आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इस दिन दान-पुण्य करने से कुंडली में सूर्य ग्रह मजबूत होता है।
