’50-50 करोड़ में बिक रहे जनप्रतिनिधि’: सांसदों की बगावत पर राज ठाकरे का तीखा हमला, बीजेपी पर भी साधा निशाना
’50-50 करोड़ में बिक रहे जनप्रतिनिधि’: सांसदों की बगावत पर राज ठाकरे का तीखा हमला, बीजेपी पर भी साधा निशाना
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में उद्धव ठाकरे गुट के 6 सांसदों के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने की सुगबुगाहट के बीच, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे का एक बड़ा और विस्फोटक बयान सामने आया है। राज ठाकरे ने मौजूदा सियासी उठापटक पर कड़ा आक्रोश जताते हुए कहा कि आज जनप्रतिनिधि 50-50 करोड़ रुपये में बिक रहे हैं और राजनीति में आत्मसम्मान की मौत हो चुकी है।
उन्होंने तंज कसते हुए यहां तक कह दिया, “यह किस्मत की बात है कि मेरी पार्टी (मनसे) के सांसद नहीं चुने गए, वरना वे भी शायद इसी तरह बिक जाते।”
”कोई सत्ता की ‘अमर पेटी’ लेकर नहीं आया”
राज ठाकरे ने मौजूदा सत्ताधीशों को चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी हमेशा के लिए सत्ता की ‘अमर पेटी’ लेकर नहीं आया है। उन्होंने याद दिलाया कि जो कांग्रेस देश में 60 सालों तक सत्ता में रही, आखिरकार उसका भी पतन हुआ। इसलिए आज के शासकों को भी यह घमंड नहीं होना चाहिए कि वे हमेशा सत्ता में बने रहेंगे।
वोटर लिस्ट और घुसपैठ पर उठाए गंभीर सवाल
मनसे प्रमुख ने चुनाव प्रक्रिया और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए अपने कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने को कहा:
नाम काटने का आरोप: सत्ताधारी दल के लोग अधिकारियों के साथ मिलकर उन मतदाताओं के नाम कटवा रहे हैं, जो उनके वोटर नहीं हैं।
दोहरा मतदान: उत्तर प्रदेश और बिहार के कई लोग अपने गृह राज्यों के साथ-साथ महाराष्ट्र में भी अवैध रूप से वोट डाल रहे हैं। कार्यकर्ताओं को ‘आंखों में तेल डालकर’ वोटर लिस्ट पर पैनी नजर रखनी होगी।
मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने की राजनीति
राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि राज्य के असली और गंभीर मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा:
देश में सबसे ज्यादा किसान और छात्र महाराष्ट्र में आत्महत्या कर रहे हैं।
राज्य इस समय सूखे के गंभीर संकट से जूझ रहा है और नीट (NEET) जैसे बड़े पेपर लीक हो रहे हैं।
ध्यान भटकाने के लिए कुछ लोग जानबूझकर जैन साधुओं की सफेद पट्टी और झंडे जैसे धार्मिक प्रतीकों का विवाद खड़ा कर रहे हैं।
देश ‘मुफ्त की रेवड़ियां’ (फ्रीबीज) बांटने से नहीं चलता। सरकारें जनता को एक हाथ से 1 रुपया देती हैं और दूसरे हाथ से 100 रुपये वसूल लेती हैं।
बीजेपी और अमित शाह पर बड़ा राजनीतिक दावा
इस दौरान राज ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर भी सीधा निशाना साधा और आंतरिक कलह का दावा किया। उन्होंने कहा:
”केंद्र और राज्य दोनों जगह बीजेपी की सत्ता है, फिर भी उद्धव सेना के 6 सांसद बीजेपी में शामिल होने के बजाय सीधे शिंदे के पास क्यों गए? असल में बीजेपी के अंदर भारी कलह मची हुई है। फिलहाल सब कुछ सिर्फ पीएम नरेंद्र मोदी के चेहरे के कारण शांत है। अमित शाह साल 2029 के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं और विपक्ष का एक अलग गुट बनाने की तैयारी में जुटे हैं।”
”चुनाव अब एक प्रोफेशनल प्रक्रिया”
राज ठाकरे ने आगामी चुनावों के मद्देनजर अपनी रणनीति स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका सपना सिर्फ सत्ता हथियाना नहीं, बल्कि एक बेहतर महाराष्ट्र बनाना है। उन्होंने स्वीकार किया कि आज के समय में चुनाव एक बेहद ‘प्रोफेशनल’ प्रक्रिया बन चुका है। अब सिर्फ आंदोलनों या लोगों से मिलने-जुलने भर से चुनाव नहीं जीते जा सकते, बल्कि इसके लिए जमीनी स्तर पर रणनीतिक और पेशेवर तरीके से काम करना होगा।
