दिल्ली एनसीआर का दायरा कम करने का प्रस्ताव नामंजूर, हरियाणा के 5 जिले रहेंगे बरकरार; बनेंगे 4 नए ‘नमो सिटी’
दिल्ली एनसीआर का दायरा कम करने का प्रस्ताव नामंजूर, हरियाणा के 5 जिले रहेंगे बरकरार; बनेंगे 4 नए ‘नमो सिटी’
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का दायरा छोटा करने की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली में आयोजित एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 42वीं अहम बैठक में एनसीआर का क्षेत्रफल कम करने के प्रस्ताव को सिरे से नामंजूर कर दिया गया है। इसके साथ ही यह साफ हो गया है कि एनसीआर के मौजूदा भौगोलिक क्षेत्र में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा। हरियाणा सरकार ने एनसीआर से अपने 5 जिलों को बाहर करने का प्रस्ताव रखा था, जिसे बोर्ड ने स्वीकार नहीं किया। बैठक में सर्वसम्मति से तय हुआ कि जो क्षेत्र पहले से एनसीआर का हिस्सा हैं, वे आगे भी इसके दायरे में बने रहेंगे।
हरियाणा के 5 जिलों को बाहर करना चाहती थी सरकार
दिल्ली एनसीआर के दायरे को छोटा करने का यह पूरा विवाद ‘ड्राफ्ट क्षेत्रीय योजना 2041’ (Draft Regional Plan-2041) से जुड़ा हुआ है। अगर 100 किलोमीटर की सीमा का नया फॉर्मूला लागू होता, तो दिल्ली एनसीआर का दायरा 100 किमी से कम हो जाता।
हरियाणा सरकार का तर्क था कि एनसीआर की सख्त बंदिशों और नियमों के कारण उनके कई जिलों में जरूरी विकास परियोजनाएं अटकी हुई हैं। यदि यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता, तो हरियाणा का एनसीआर क्षेत्र 25,327 वर्ग किलोमीटर से घटकर महज 10,546 वर्ग किमी रह जाता (लगभग 60 फीसदी की कटौती)। इस नियम की वजह से हरियाणा के निम्नलिखित 5 जिलों पर सीधा असर पड़ रहा था:
करनाल: दिल्ली से दूरी करीब 120 किमी होने के कारण यह पूरी तरह बाहर हो जाता।
महेंद्रगढ़: दिल्ली से करीब 112 किमी दूर होने से यह भी दायरे से हट जाता।
जींद: दिल्ली से 103-115 किमी की दूरी के कारण इसकी कई तहसीलें बाहर हो जातीं।
पानीपत: दिल्ली से 88-95 किमी की सीमा पर होने से इसका बड़ा हिस्सा बाहर हो जाता।
भिवानी: दिल्ली से करीब 108 किमी दूर होने के कारण इसकी केवल कुछ ही तहसीलें एनसीआर में रह पातीं।
अगस्त 2026 तक रिपोर्ट देगी सब-कमेटी: सीएम नायब सिंह सैनी
बैठक के बाद जानकारी देते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने इस पूरे मामले की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय सब-कमेटी (उप-समिति) का गठन किया है। यह कमेटी अगस्त 2026 तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट बोर्ड को सौंपेगी। इसके बाद दिसंबर 2026 में होने वाली एनसीआर बोर्ड की अगली बैठक में इस रिपोर्ट पर आगे की चर्चा की जाएगी।
नमो भारत ट्रेन के रूट पर बसेंगे 4 ‘नमो शहर’ (Greenfield Townships)
बैठक में क्षेत्रीय विकास को लेकर एक और बड़ा फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि एनसीआर के चारों राज्यों से 4 ‘नमो सिटी’ (ग्रीनफील्ड टाउनशिप) विकसित करने के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं। ये चारों हरे-भरे आधुनिक शहर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में चल रहे ‘नमो भारत’ (RRTS) हाईस्पीड ट्रेन के रूट के किनारों पर बसाए जाने की योजना है। इसके लिए सभी राज्यों से एक-एक टाउनशिप का प्रस्ताव मांगा गया है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री और राज्यों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
मंगलवार को हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समेत उत्तर प्रदेश और राजस्थान के वरिष्ठ प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
एक नज़र में: वर्तमान में एनसीआर का भूगोल
वर्तमान में दिल्ली एनसीआर का दायरा दिल्ली की सीमा से करीब 150 से 175 किलोमीटर दूर तक फैला हुआ है, जिसमें 3 राज्यों के कुल 24 जिले और दिल्ली के 11 जिले शामिल हैं:
हरियाणा (14 जिले – सबसे ज्यादा): गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, पानीपत, पलवल, रेवाड़ी, नूंह/मेवात, महेंद्रगढ़, भिवानी, चरखी दादरी, जींद और करनाल।
उत्तर प्रदेश (8 जिले): गौतमबुद्ध नगर (नोएडा/ग्रेटर नोएडा), गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, बुलंदशहर, बागपत, मुजफ्फरनगर और शामली।
राजस्थान (2 जिले): अलवर और भरतपुर।
