मणिपुर में फिर भड़की हिंसा की आग: 6 नगा बंधकों की हत्या के बाद तनाव, भारी सुरक्षा बल तैनात; बंद का आह्वान
मणिपुर में फिर भड़की हिंसा की आग: 6 नगा बंधकों की हत्या के बाद तनाव, भारी सुरक्षा बल तैनात; बंद का आह्वान
मणिपुर में एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। उग्रवादियों द्वारा अगवा किए गए छह नगा नागरिकों के क्षत-विक्षत शव मिलने के बाद नगा बहुल पहाड़ी इलाकों में भारी विरोध-प्रदर्शन और आगजनी की खबरें आ रही हैं। बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को रवाना कर दिया गया है।
बीती रात इम्फाल ईस्ट के जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (JNIMS) मोर्चरी के बाहर हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस उग्र प्रदर्शन को तितर-बितर करने और भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
13 मई को किया गया था अपहरण, शव लेने से नगा समुदाय का इनकार
यह पूरा विवाद 13 मई, 2026 को शुरू हुआ था, जब मणिपुर के लेइलोन वाइफेई गांव से उग्रवादियों ने छह नगा नागरिकों को कथित तौर पर अगवा कर लिया था। अब इन बंधकों की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। नगा समुदाय ने न्याय और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर फिलहाल इन शवों को स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया है।
’यूनाइटेड नगा काउंसिल’ (UNC) का 24 घंटे के बंद का आह्वान
मणिपुर के नगा समुदायों की शीर्ष संस्था यूनाइटेड नगा काउंसिल (UNC) ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। संस्था ने इसे मानवाधिकारों का सबसे क्रूर और अस्वीकार्य उल्लंघन बताया है। UNC ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इस जघन्य कृत्य के विरोध में 24 घंटे के राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।
KNF(P) उग्रवादियों पर हत्या का आरोप
यूनाइटेड नगा काउंसिल (UNC) ने अपने आधिकारिक बयान में सीधे तौर पर उग्रवादी संगठन KNF(P) को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। बयान में कहा गया:
”यह बेहद स्तब्ध करने वाला है कि 13 मई को लीलोन वैफेई गांव के लोगों और कुकी नेशनल फ्रंट-प्रेसिडेंट ग्रुप [KNF(P)] के उग्रवादियों द्वारा बंधक बनाए गए छह निर्दोष नगाओं के शव न केवल बेजान मिले, बल्कि वे बुरी तरह से क्षत-विक्षत और कटे-फटे हुए थे।”
नगा समुदाय की मुख्य मांगें:
नगा प्रदर्शनकारियों और UNC ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार उनकी निम्नलिखित मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं करती, तब तक वे शवों को नहीं लेंगे:
’ऑपरेशन सस्पेंशन’ (SoO) समझौता रद्द हो: सरकार सभी कुकी उग्रवादी समूहों के साथ किए गए ‘सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन्स’ (SoO) समझौते को तुरंत वापस ले।
उग्रवादियों की तत्काल गिरफ्तारी: नगा और कुकी संघर्ष के दौरान 18 नगा नागरिकों के अपहरण में शामिल KNF-P के सभी उग्रवादियों को फौरन गिरफ्तार कर उन पर मुकदमा चलाया जाए।
उपमुख्यमंत्री को हटाने की मांग: नगा समुदाय ने नेमचा किपजेन को उपमुख्यमंत्री के पद से तुरंत बर्खास्त करने की मांग की है।
मणिपुर सरकार की निंदा: “दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा”
मणिपुर सरकार ने भी कांगपोकपी जिले के लीलोन वैफेई गांव में हुई इस क्रूर हत्या की कड़ी निंदा की है।
राज्य के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ऐसी बर्बर हिंसा को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और न ही मूकदर्शक बनी रहेगी। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि इस अमानवीय कृत्य के लिए जिम्मेदार सभी दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर देश के कानून के तहत सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।
