इंडिया गठबंधन की बैठक: विपक्ष ने की केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, मुख्य न्यायाधीश को सौंपेंगे पत्र
इंडिया गठबंधन की बैठक: विपक्ष ने की केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, मुख्य न्यायाधीश को सौंपेंगे पत्र
नई दिल्ली: नई दिल्ली में आयोजित इंडिया (INDIA) गठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक में विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार के खिलाफ एकजुटता का बड़ा प्रदर्शन किया है। इस बैठक में 23 राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए, जिन्होंने देश की मौजूदा राजनीतिक और आर्थिक स्थिति पर चर्चा की और मोदी सरकार को घेरने के लिए रणनीति तैयार की।
बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि विपक्षी दलों के बीच पांच प्रमुख बिंदुओं पर सर्वसम्मति बनी है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षाओं में गड़बड़ी पर कड़ा रुख
इंडिया गठबंधन ने सर्वसम्मति से केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। विपक्ष का आरोप है कि शिक्षा मंत्री के कार्यकाल में नीट (NEET) और सीबीएसई (CBSE) जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं के आयोजन में हुई गड़बड़ियों के कारण देश के लाखों युवाओं के भविष्य के साथ विश्वासघात हुआ है। विपक्ष ने मांग की है कि इस पूर्ण कुप्रबंधन की जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को अपने पद से हट जाना चाहिए।
आर्थिक मुद्दों और बेरोजगारी पर सर्वदलीय बैठक की मांग
गठबंधन के नेताओं ने देश की गंभीर आर्थिक स्थिति, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि जरूरी वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और छोटे-मध्यम उद्योग संकट में हैं। इन जनसरोकार के मुद्दों पर विपक्ष ने केंद्र सरकार से तत्काल एक सर्वदलीय बैठक (All-Party Meeting) बुलाने की मांग की है।
चुनावों में धांधली के मुद्दे पर मुख्य न्यायाधीश को लिखेंगे पत्र
बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मतदाता सूची में कथित हेरफेर और चुनावों की निष्पक्षता से जुड़े गंभीर सवालों को लेकर इंडिया गठबंधन जल्द ही भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को एक पत्र सौंपेगा। खरगे ने आरोप लगाया कि एसआईआर (SIR) के माध्यम से करोड़ों लोगों से उनका मताधिकार छीना जा रहा है और संविधान पर हमले किए जा रहे हैं।
गठबंधन की मजबूती के लिए भविष्य की रूपरेखा
इंडिया गठबंधन ने जमीनी स्तर पर अपनी एकजुटता को और मजबूत करने के लिए दो बड़े फैसले लिए हैं:
नियमित बैठकें: गठबंधन के सभी घटक दल अब हर दो महीने में एक बार समीक्षा बैठक करेंगे। इस कड़ी में अगली बैठक अगस्त महीने में हैदराबाद में आयोजित की जाएगी।
संसद में समन्वय: आगामी मानसून सत्र के दौरान सरकार को घेरने और संसदीय समन्वय बनाए रखने के लिए रोजाना सुबह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (राहुल गांधी) के कार्यालय में एक समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी।
इससे पहले खरगे ने अपने शुरुआती संबोधन में याद दिलाया कि 17 अप्रैल, 2026 को लोकसभा में विपक्ष ने परिसीमन से जुड़े सरकार के बिलों को एकजुट होकर परास्त किया था, और उसी भावना को आगे भी बनाए रखने की जरूरत है।
बैठक में शामिल हुए प्रमुख नेता
इस उच्च स्तरीय बैठक में कांग्रेस से मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी; तृणमूल कांग्रेस से ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी; समाजवादी पार्टी से अखिलेश यादव; राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से तेजस्वी यादव; नेशनल कॉन्फ्रेंस से जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला; एनसीपी (एसपी) से सुप्रिया सुले; और टीडीपी से महबूबा मुफ्ती समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के हेमंत सोरेन इस बैठक में ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। इसके अलावा निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल भी इस बैठक का हिस्सा रहे।
