‘पुष्पा’ नाम से मशहूर TMC नेता जहांगीर खान नेपाल से गिरफ्तार, मर्डर के प्रयास और रंगदारी समेत कई गंभीर आरोप
‘पुष्पा’ नाम से मशहूर TMC नेता जहांगीर खान नेपाल से गिरफ्तार, मर्डर के प्रयास और रंगदारी समेत कई गंभीर आरोप
कोलकाता/सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद से फरार चल रहे तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता जहांगीर खान उर्फ ‘पुष्पा’ को आखिरकार नेपाल की राजधानी काठमांडू से गिरफ्तार कर लिया गया है। राज्य की जांच एजेंसियों से बचने के लिए वह लगातार ठिकाने बदल रहा था, लेकिन मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स के आधार पर उसे दबोच लिया गया। सोमवार सुबह राज्य पुलिस की एक स्पेशल टीम उसे भारत-नेपाल के पानीटंकी बॉर्डर के रास्ते भारत लेकर आई।
जांच सूत्रों के मुताबिक, जहांगीर काठमांडू में एक किराए के मकान में अकेला छिपा हुआ था। राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। रविवार देर रात नेपाल पुलिस के सहयोग से चलाए गए एक विशेष ऑपरेशन के दौरान उसे गिरफ्तार किया गया। इस संयुक्त ऑपरेशन में एसटीएफ, डायमंड हार्बर जिला पुलिस और दार्जिलिंग जिला पुलिस शामिल रही।
बॉर्डर पार कराने के बाद सोमवार सुबह उसे सीधे फांसीदेवा पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। नक्सलबाड़ी के एसडीओपी सौम्यजीत रॉय ने जहांगीर खान की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
मर्डर की कोशिश, रंगदारी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे 7 मामले हैं दर्ज
तृणमूल कांग्रेस के नेता जहांगीर खान के खिलाफ हत्या के प्रयास, दंगा भड़काने और जबरन वसूली (रंगदारी) समेत कई गंभीर धाराओं में सात मामले दर्ज हैं। इसके अलावा, प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में जांच कर रही है।
एसटीएफ के सूत्रों के अनुसार, जहांगीर खान से उसके पूरे नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और राजनीतिक-आपराधिक संबंधों को लेकर विस्तार से पूछताछ की जाएगी। उसकी गिरफ्तारी से दक्षिण 24 परगना जिले के कई लंबित मामलों की जांच में तेजी आने की उम्मीद है।
सुरक्षा कारणों से सीधे कोलकाता के ‘भवानी भवन’ लाया जा सकता है
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नियमानुसार एसटीएफ पहले जहांगीर खान को मेडिकल जांच के लिए फाल्टा ले जाना चाहती थी, लेकिन इलाके में उसके खिलाफ स्थानीय लोगों के भारी गुस्से को देखते हुए रणनीति बदली जा सकती है। सुरक्षा कारणों से उसे सीधे कोलकाता स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय ‘भवानी भवन’ लाया जा सकता है। भवानी भवन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वह पिछले कई महीनों से छिपा हुआ था, जिससे जांच रुकी हुई थी। उसकी यह गिरफ्तारी पूरी तरह से पुख्ता सबूतों और टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर हुई है।
खुद को बताया था ‘पुष्पा’, IPS अधिकारी को दी थी चुनौती
जहांगीर खान पहली बार 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान तब चर्चा में आया था, जब फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक तनाव चरम पर था। चुनाव प्रचार के दौरान उसने खुद को ‘पुष्पा’ बताते हुए उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा को खुलेआम चुनौती दे दी थी, जिस पर काफी विवाद हुआ था। इसके अलावा, उसने भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ भी चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। चुनाव के दौरान भी उसके खिलाफ हिंसा और डराने-धमकाने की कई शिकायतें दर्ज की गई थीं।
