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नीट-यूजी रीटेस्ट: प्रश्न पत्र भेजने के लिए वायु सेना की मदद लेने की तैयारी, तैयारियां तेज

नीट-यूजी रीटेस्ट: प्रश्न पत्र भेजने के लिए वायु सेना की मदद लेने की तैयारी, तैयारियां तेज

​नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) 21 जून को होने वाली नीट-यूजी (NEET-UG) की दोबारा परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए बड़े कदम उठा रही है। प्रश्न पत्रों को सुरक्षित रूप से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए भारतीय वायु सेना (IAF) के विमानों की मदद लेने की तैयारी की जा रही है। यह फैसला 3 मई को हुई मूल परीक्षा का पेपर लीक होने के आरोपों के बाद उसे रद्द किए जाने के मद्देनजर लिया गया है।

​वायु सेना के विमानों का उपयोग करने के इस प्रस्ताव पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में गंभीरता से चर्चा की गई। इस बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह शामिल हुए। हालांकि, इस विकल्प पर अभी अंतिम फैसला होना बाकी है और इसे अंतिम मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखा जाएगा। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री खुद 21 जून को होने वाले रीटेस्ट की तैयारियों की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।

​पेपर लीक से लेकर अब तक की कार्रवाई

​मूल परीक्षा और रजिस्ट्रेशन: 3 मई को आयोजित हुई मूल नीट-यूजी परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेशों के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी, जिसके लिए लगभग 23 लाख उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था।

​गड़बड़ी और परीक्षा रद्द: एनटीए के अनुसार, परीक्षा के चार दिन बाद 7 मई को कथित धांधली की जानकारियां सामने आईं, जिन्हें तुरंत केंद्रीय जांच एजेंसियों को सौंपा गया। इसके बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर 21 जून को रीटेस्ट कराने का फैसला हुआ।

​सीबीआई की देशव्यापी कार्रवाई: मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एफआईआर दर्ज कर विशेष जांच टीमें (SIT) बनाई हैं। सीबीआई ने अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यांगर सहित कई शहरों में छापेमारी कर 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का दावा है कि लीक हुए प्रश्न पत्रों के मुख्य सोर्स का पता लगा लिया गया है।

​परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और समन्वय के कड़े निर्देश

​प्रश्न पत्रों के सुरक्षित ट्रांसपोर्टेशन के साथ-साथ परीक्षा केंद्रों पर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। सभी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करें ताकि परीक्षा के दिन छात्रों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।

​तेलंगाना के 24 शहरों में होगी परीक्षा

​तेलंगाना की प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) क्रिस्टीना ज़ेड चोंगथु ने बताया कि राज्य के 24 शहरों में बने 208 केंद्रों पर लगभग 73,000 छात्रों के इस परीक्षा में शामिल होने की उम्मीद है। उम्मीदवारों के लिए केंद्रों पर पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर, परिवहन सुविधाएं, निर्बाध बिजली आपूर्ति और पीने के पानी जैसी जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

​वहीं, पुलिस महानिदेशक (कानून और व्यवस्था) महेश भागवत ने जिला प्रशासनों को सभी परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा बनाए रखने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और परीक्षा को लेकर किसी भी तरह की अफवाह या गलत जानकारी को फैलने से रोकने की सख्त चेतावनी दी है।

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