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मालवीय नगर अग्निकांड: होटल मालिक की पुलिस कस्टडी 2 दिन बढ़ी, कुक जेल भेजा गया, मैनेजर ने किया सरेंडर

मालवीय नगर अग्निकांड: होटल मालिक की पुलिस कस्टडी 2 दिन बढ़ी, कुक जेल भेजा गया, मैनेजर ने किया सरेंडर

​नई दिल्ली: दिल्ली की साकेत कोर्ट ने मालवीय नगर के एक होटल में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने होटल के मालिक लवकेश बजाज की पुलिस हिरासत (रिमांड) को दो दिनों के लिए और बढ़ा दिया है। वहीं, इस मामले में गिरफ्तार किए गए होटल के कुक केशव नेगी को कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत (जेल) में भेजने का आदेश दिया है। इसी बीच, हादसे के बाद से फरार चल रहे होटल के मैनेजर जय मिश्रा ने सोमवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया।

​कुक केशव नेगी ने अदालत के समक्ष अपनी जमानत याचिका भी दायर की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। इससे पहले 6 जून को गिरफ्तार किए गए केशव नेगी और 4 जून को पकड़े गए मालिक लवकेश बजाज की पुलिस कस्टडी आज खत्म हो रही थी, जिसके बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया गया था। इस मामले में पुलिस अब तक दो गिरफ्तारियां कर चुकी है, जबकि मैनेजर अब न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में है।

​कुक की लापरवाही से हुआ हादसा: ब्लास्ट के बाद बंद हो गए इलेक्ट्रॉनिक दरवाजे

​पुलिस और जांच सूत्रों के मुताबिक, होटल में आग लगने की मुख्य वजह कुक केशव नेगी की घोर लापरवाही थी। हादसे के वक्त केशव नेगी किचन में इलेक्ट्रिक स्टोव पर खाना बना रहा था, तभी उसमें अचानक जोरदार ब्लास्ट (धमाका) हो गया। आग भड़कने के बाद केशव नेगी वहां फंसे लोगों को सतर्क करने के बजाय खुद को बचाने के लिए मौके से भाग निकला।

​पुलिस जांच में सामने आया है कि ब्लास्ट होते ही नेगी ने घबराहट में होटल की मुख्य पावर सप्लाई (बिजली) बंद कर दी। बिजली कटने की वजह से होटल के सेंसर से चलने वाले स्वचालित (इलेक्ट्रॉनिक) मुख्य दरवाजे स्थायी रूप से लॉक हो गए, जिससे अंदर मौजूद लोगों के बाहर निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया।

​केवल एक रास्ता और स्थायी रूप से बंद थीं खिड़कियां

​जांच में होटल की बनावट और सुरक्षा इंतजामों को लेकर कई गंभीर कमियां सामने आई हैं:

​निकासी का एक ही मार्ग: होटल से बाहर निकलने के लिए केवल एक ही संकरा रास्ता था। आपातकालीन स्थिति के लिए कोई वैकल्पिक निकास (इमरजेंसी एग्जिट) नहीं बनाया गया था।

​पैक थीं खिड़कियां: होटल के कमरों की खिड़कियों को स्थायी रूप से कंक्रीट या ग्रिल से बंद किया गया था, जिसके कारण अंदर फंसा धुआं बाहर नहीं निकल सका।

​दम घुटने से बढ़ीं मौतें: सेंसर वाले मुख्य दरवाजे बंद होने और खिड़कियां ब्लॉक होने के कारण लोग अंदर ही कैद होकर रह गए।

​हादसे में 22 लोगों की हुई थी मौत, ज्यादातर विदेशी नागरिक

​गौरतलब है कि 3 जून को सुबह करीब आठ बजे मालवीय नगर के इस होटल में भीषण आग लग गई थी। इस दर्दनाक हादसे में होटल के बेसमेंट में फंसे 22 लोगों की दम घुटने और झुलसने से मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जान गंवाने वाले लोगों में ज्यादातर विदेशी नागरिक शामिल हैं। राहत और बचाव कार्य के दौरान आग की लपटों और जहरीले धुएं की चपेट में आने से 10 पुलिसकर्मी भी जख्मी हो गए थे। पुलिस अब रिमांड के दौरान होटल मालिक और सरेंडर करने वाले मैनेजर से सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को लेकर आगे की पूछताछ करेगी।

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