ऋषिकेश के गंगा घाटों का बदलेगा स्वरूप: 85 करोड़ से त्रिवेणी समेत 3 घाट होंगे 2 मीटर ऊंचे, बाढ़ से मिलेगी राहत
ऋषिकेश के गंगा घाटों का बदलेगा स्वरूप: 85 करोड़ से त्रिवेणी समेत 3 घाट होंगे 2 मीटर ऊंचे, बाढ़ से मिलेगी राहत
विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक नगरी ऋषिकेश के गंगा घाटों का अब पूरी तरह से कायाकल्प होने जा रहा है। देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए त्रिवेणी घाट, दत्तात्रेय घाट और नाव घाट की 800 मीटर लंबी श्रृंखला को 2 मीटर ऊंचा करने का महा अभियान शुरू हो गया है। एकीकृत शहरी अवसंरचना विकास योजना (Integrated Urban Infrastructure Development Scheme) के तहत शुरू हुए इस पहले चरण के काम पर 85 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की जा रही है। इस कदम से न सिर्फ श्रद्धालुओं को हाईटेक सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि मॉनसून के दौरान तटीय इलाकों में रहने वाली आबादी को बाढ़ के खतरे से भी बड़ी राहत मिलेगी।
जलस्तर बढ़ने पर भी नहीं डूबेंगे घाट, 18 महीने का लक्ष्य
अक्सर देखा जाता है कि बरसात के दिनों में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाट डूब जाते हैं, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन, पूजन और आचमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या का स्थायी समाधान निकालते हुए उत्तराखंड परियोजना विकास एवं निर्माण खंड ने मौजूदा घाटों के ऊपर ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। इन घाटों की अधिकतम चौड़ाई 29 मीटर है। निर्माण एजेंसी को इस पूरे प्रोजेक्ट को 18 महीने के भीतर पूरा करने का कड़ा लक्ष्य दिया गया है।
थ्री-स्टेप में तैयार होगा नया आरती स्थल
इस पूरे कायाकल्प प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत त्रिवेणी घाट के प्रसिद्ध आरती स्थल का नया डिजाइन होगा।
बिना बाधा होगी गंगा आरती: यूपीडीसी (UPDC) के प्रोजेक्ट मैनेजर एसके सिंह ने बताया, “त्रिवेणी घाट के वर्तमान आरती स्थल को थ्री-स्टेप (Three-Step Design) में री-डिजाइन किया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सर्दियों या गर्मियों में जब गंगा का जलस्तर सामान्य से कम हो जाता है, तब भी आरती बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से संचालित हो सकेगी। यहां श्रद्धालुओं के बैठने और सुरक्षा के बेहद पुख्ता इंतजाम होंगे।”
महिला श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर
परियोजना में महिला श्रद्धालुओं की गरिमा, प्राइवेसी और सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। घाटों को आधुनिक रूप देने के लिए निम्नलिखित कार्य किए जाएंगे:
आधुनिक ब्लॉक्स: महिला श्रद्धालुओं के लिए घाटों पर 3 आधुनिक टॉयलेट ब्लॉक एवं वीआईपी (VIP) चेंजिंग रूम बनाए जाएंगे।
गंगा सभा कार्यालय: घाटों पर सुचारू व्यवस्था संचालन के लिए गंगा सभा के लिए एक विशेष कार्यालय का निर्माण होगा।
व्यावसायिक गतिविधि जोन: तय मानकों के तहत ही घाटों पर व्यावसायिक गतिविधियों (पूजा सामग्री व अन्य दुकानें) के लिए जगह चिन्हित की गई है, ताकि घाटों पर अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था न फैले।
इस महा अभियान के पूरा होने के बाद ऋषिकेश के घाट न सिर्फ अधिक सुरक्षित हो जाएंगे, बल्कि वैश्विक पर्यटन के मानचित्र पर यह धार्मिक नगरी और अधिक भव्य रूप में नजर आएगी।
