उत्तर कोरिया का दुनिया को खुला चैलेंज: किम जोंग उन ने मिसाइल उत्पादन 2.5 गुना बढ़ाने का दिया आदेश, बहन बोलीं- परमाणु हथियार खत्म करने का सवाल ही नहीं
उत्तर कोरिया का दुनिया को खुला चैलेंज: किम जोंग उन ने मिसाइल उत्पादन 2.5 गुना बढ़ाने का दिया आदेश, बहन बोलीं- परमाणु हथियार खत्म करने का सवाल ही नहीं
प्योंगयांग: उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने एक बार फिर दुनिया के सामने अपनी सैन्य आक्रामकता का प्रदर्शन करते हुए खुली चुनौती दी है। एक तरफ जहां किम जोंग उन ने खुद देश की एक सीक्रेट मिसाइल फैक्ट्री का दौरा कर उत्पादन को ढाई गुना तक बढ़ाने का टारगेट दिया है, वहीं दूसरी तरफ उनकी बेहद शक्तिशाली और प्रभावशाली बहन किम यो जोंग ने परमाणु हथियारों को लेकर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को दोटूक जवाब दे दिया है।
मिसाइल फैक्ट्री का गुप्त दौरा, उत्पादन ढाई गुना करने का लक्ष्य
उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया एजेंसी KCNA द्वारा जारी तस्वीरों में किम जोंग उन भारी-भरकम मिसाइलों के बीच अधिकारियों के साथ घूमते और उनका मुआयना करते नजर आ रहे हैं। सरकारी मीडिया के मुताबिक, किम का यह दौरा शनिवार, 6 जून 2026 को हुआ था। हालांकि, सुरक्षा और गोपनीयता के कारणों से इस मिसाइल प्रोडक्शन फैसिलिटी (फैक्ट्री) के नाम और स्थान का खुलासा नहीं किया गया है।
इस दौरे के दौरान किम जोंग उन ने देश के ‘मिसाइल एडमिनिस्ट्रेशन’ की लॉन्ग-टर्म प्लानिंग की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि मौजूदा पंचवर्षीय योजना के तहत सालाना आधार पर मिसाइलों के उत्पादन को 2.5 गुना (ढाई गुना) तक बढ़ाना बेहद जरूरी है, ताकि सेना की आवश्यकताओं को बिना किसी रुकावट के पूरा किया जा सके। हालांकि, इन फैक्ट्रियों में किस श्रेणी की बैलिस्टिक या क्रूज मिसाइलें बनाई जा रही हैं, इसकी सटीक जानकारी को पूरी तरह गुप्त रखा गया है।
किम यो जोंग का अमेरिका को सख्त संदेश: ‘परमाणु दर्जा’ नहीं छोड़ेंगे
मिसाइल फैक्ट्री के इस दौरे के बीच ही किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग का एक बेहद तीखा और आक्रामक बयान सामने आया है। उन्होंने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों द्वारा उत्तर कोरिया पर बनाए जा रहे परमाणु कार्यक्रम बंद करने के दबाव को पूरी तरह खारिज कर दिया।
किम यो जोंग ने साफ लफ्जों में कहा कि उत्तर कोरिया को परमाणु हथियारों से मुक्त (Denuclearize) करने की बातें करना अब पूरी तरह से बेकार और बेमानी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तर कोरिया एक स्थापित परमाणु संपन्न देश है और वह अपने इस दर्जे से किसी भी कीमत पर पीछे हटने वाला नहीं है।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दौरे से ठीक पहले बढ़ा तनाव
उत्तर कोरिया की यह नई सैन्य हलचल ऐसे समय में देखने को मिल रही है, जब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग प्योंगयांग के बेहद अहम दौरे पर जाने वाले हैं। साल 2019 के बाद शी जिनपिंग का यह पहला उत्तर कोरिया दौरा है और वर्ष 2026 में उनकी यह पहली विदेश यात्रा भी है। चीनी राष्ट्रपति के आगमन से ठीक एक दिन पहले उत्तर कोरिया द्वारा मिसाइल क्षमता बढ़ाने की घोषणा और परमाणु नीति पर अड़े रहने के इस कदम को विशेषज्ञ कई बड़े कूटनीतिक संकेतों से जोड़कर देख रहे हैं।
