खाटू श्याम जी की तस्वीर घर में लगाने से पहले नोट कर लें सही दिशा और नियम, तभी बरसेगी ‘हारे के सहारे’ की कृपा
खाटू श्याम जी की तस्वीर घर में लगाने से पहले नोट कर लें सही दिशा और नियम, तभी बरसेगी ‘हारे के सहारे’ की कृपा
नई दिल्ली: सनातन धर्म में खाटू श्याम जी को कलियुग का सबसे जाग्रत देवता माना जाता है। उन्हें “हारे का सहारा” और “लखदातार” जैसे नामों से पुकारा जाता है। मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से खाटू श्याम जी की पूजा करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। आजकल लोग अपने घरों में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा के लिए खाटू श्याम जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करते हैं। हालांकि, वास्तु शास्त्र और धार्मिक नियमों के अनुसार, बाबा श्याम की तस्वीर लगाने की एक निश्चित दिशा और नियम होते हैं। यदि इनका पालन न किया जाए, तो पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है।
अगर आप भी अपने घर में खाटू श्याम जी की तस्वीर लगाने जा रहे हैं, तो इन महत्वपूर्ण नियमों को जरूर नोट कर लें:
1. किस दिशा में लगाएं तस्वीर?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, खाटू श्याम जी की तस्वीर या मूर्ति लगाने के लिए उत्तर या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा को सबसे उत्तम माना गया है। इस दिशा में तस्वीर लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। यदि इस दिशा में स्थान न हो, तो आप पूर्व दिशा का चुनाव भी कर सकते हैं।
2. मुख की सही दिशा
तस्वीर लगाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि जब आप पूजा करें, तो आपका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। इसका मतलब है कि बाबा श्याम की तस्वीर का मुख दक्षिण या पश्चिम की तरफ होना चाहिए।
3. इन जगहों पर भूलकर भी न लगाएं तस्वीर
शयनकक्ष (बेडरुम): खाटू श्याम जी की तस्वीर को कभी भी शयनकक्ष में नहीं लगाना चाहिए।
सीढ़ियों के नीचे या रसोईघर: घर की सीढ़ियों के नीचे, रसोईघर में या बाथरूम के आस-पास बाबा की तस्वीर लगाना वर्जित माना जाता है। इससे वास्तु दोष उत्पन्न होता है।
मुख्य द्वार के ठीक सामने: बाबा श्याम की तस्वीर को घर के मुख्य दरवाजे के ठीक सामने लगाने से बचना चाहिए।
4. तस्वीर का स्वरूप कैसा हो?
घर में हमेशा खाटू श्याम जी की मुस्कुराती हुई या आशीर्वाद देती हुई तस्वीर लगानी चाहिए। कभी भी युद्ध या रौद्र रूप वाली तस्वीर घर में न रखें। इसके अलावा, यदि तस्वीर में बाबा श्याम के साथ श्री कृष्ण भी विराजमान हों, तो उसे बेहद शुभ माना जाता है।
5. नियमित पूजा और स्वच्छता के नियम
दैनिक आरती: बाबा श्याम के सामने नियमित रूप से सुबह-शाम घी का दीपक जलाएं और आरती करें।
भोग लगाना: खाटू श्याम जी को माखन-मिश्री, पेड़े या खीर का भोग बेहद प्रिय है। संभव हो तो नियमित या विशेष तिथियों (जैसे एकादशी) पर उन्हें भोग अवश्य लगाएं।
सफाई का ध्यान: तस्वीर के आस-पास कभी भी गंदगी या जाले न लगने दें। रोजाना साफ कपड़े से तस्वीर को पोंछें।
विशेष नोट: हर महीने आने वाली शुक्ल पक्ष की एकादशी खाटू श्याम जी को समर्पित होती है। इस दिन बाबा का विशेष श्रृंगार करने और उन्हें कीर्तन-भजन सुनाने से घर में कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती है।
