Monday, June 8, 2026
उत्तराखंड

अल्मोड़ा में ‘खेत बचाओ अभियान’ का भव्य आगाज़: मुख्यमंत्री धामी ने की 6 करोड़ की तारबाड़ योजना की घोषणा, कालाढुंगी में ‘अभिव्यंजना’ का किया शुभारंभ

अल्मोड़ा में ‘खेत बचाओ अभियान’ का भव्य आगाज़: मुख्यमंत्री धामी ने की 6 करोड़ की तारबाड़ योजना की घोषणा, कालाढुंगी में ‘अभिव्यंजना’ का किया शुभारंभ

​अल्मोड़ा/कालाढुंगी: जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच कृषि और किसानों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड के अल्मोड़ा (हवालबाग) में राज्य स्तरीय “खेत बचाओ अभियान” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे जनभागीदारी से जुड़ा एक बड़ा जनांदोलन बताया।

​मुख्यमंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने और खेतों को सुरक्षित करने के लिए अल्मोड़ा जनपद में 6 करोड़ रुपये की लागत से तारबाड़ (Fencing) कराए जाने की बड़ी घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए बजट में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है।

​मिट्टी संरक्षण और पारंपरिक फसलों पर ज़ोर

​कार्यक्रम के दौरान बदलते मौसम को देखते हुए कृषि संरक्षण और मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया।

​पारंपरिक खेती को बढ़ावा: मांडुआ, झंगोरा, चौलाई जैसे मोटे अनाजों (मिलेट्स) और पारंपरिक फसलों के संरक्षण व उत्पादन को बढ़ाने का आह्वान किया गया।

​वैज्ञानिक पद्धति: मुख्यमंत्री ने किसानों से नियमित रूप से मिट्टी का परीक्षण कराने, पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने और कृषि विशेषज्ञों की सलाह पर ही खेती करने की अपील की।

​सुगंधित फसलें: प्रदेश में वर्तमान में लगभग 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पॉलीहाउस, कोल्ड स्टोरेज और मेगा फूड पार्क जैसी योजनाएं भी चलाई जा रही हैं, जिनका लाभ सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से किसानों को मिल रहा है।

​कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कार्यक्रम में जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अब तक विभिन्न सरकारी विभागों में 30 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि खेतों को बचाकर ही आत्मनिर्भर उत्तराखंड का निर्माण संभव है।

​कालाढुंगी में ललित फाउंडेशन के ‘अभिव्यंजना 5.0’ का शुभारंभ

​अल्मोड़ा के कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को तहसील कालाढुंगी के नमस्ते कॉर्बेट रिज़ॉर्ट (धनपुर धमोला) पहुंचकर ललित फाउंडेशन के पांचवें अधिवेशन “अभिव्यंजना 5.0” का दीप जलाकर शुभारंभ किया।

​इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल एक कवि सम्मेलन नहीं, बल्कि विचारों और सृजनशीलता को अनुभव करने का एक अभिनव अवसर है। उन्होंने समाज को दिशा देने में कवियों की भूमिका की सराहना की और स्वतंत्रता आंदोलन में साहित्यकारों के योगदान को याद किया।

​दिग्गज कवियों का हुआ समागम:

​कार्यक्रम में प्रख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास, पद्मश्री अशोक चक्रधर और ओजस्वी कवि डॉ. हरिओम पंवार सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए रचनाकारों ने शिरकत की।

​मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के महान साहित्यकारों जैसे सुमित्रानंदन पंत, चंद्रकुंवर बर्त्वाल, गिर्दा, शैलेश मटियानी, गौरा पंत ‘शिवानी’ और मोहन उप्रेती के योगदान को याद करते हुए देवभूमि की साहित्यिक चेतना को नमन किया।

​इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने समाज और साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट व प्रेरणादायी कार्य कर रहे कवियों, कवयित्रियों और साहित्यकारों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में कालाढुंगी के विधायक बंशीधर भगत समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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