उत्तराखंड

“निखण्यां जोग” की OTT एंट्री: वीडियोज अलार्म बना उत्तराखंडी सिनेमा का नया डिजिटल घर

“निखण्यां जोग” की OTT एंट्री: वीडियोज अलार्म बना उत्तराखंडी सिनेमा का नया डिजिटल घर

​देहरादून। उत्तराखंड की क्षेत्रीय फिल्म इंडस्ट्री लगातार नए आयाम स्थापित कर रही है। इसी क्रम में निर्देशक देबू रावत द्वारा निर्देशित चर्चित गढ़वाली फीचर फिल्म “निखण्यां जोग” अब उत्तराखंड के पहले समर्पित क्षेत्रीय OTT प्लेटफॉर्म वीडियोज अलार्म (Videos Alarm) पर रिलीज़ हो चुकी है।

​फिल्म की मुख्य टीम और कलाकार

​निर्माता: आशा मुनीन्द्र सकलानी

​निर्देशक: देबू रावत

​सह-निर्देशक एवं कोरियोग्राफर: विजय भारती

​संगीत निर्देशक: अमित वी कपूर

​पार्श्व गायक: पद्मश्री डॉ. प्रीतम भरतवाण, अमित खरे, प्रतीक्षा बमराड़ा और लेखराज भंडारी

​प्रमुख कलाकार: मोहित घिल्डियाल, प्राची पंवार, मानसी शर्मा, रवि ममगाईं, पुरुषोत्तम जेठुड़ी, सुषमा व्यास, डॉ. एम.आर. सकलानी, अजय सिंह बिष्ट, राजेश जोशी, हर्ष खत्री, विनीता नेगी, अंशिका भारती और पूनम नैथानी।

​फिल्म की कहानी और पृष्ठभूमि

​”निखण्यां जोग” उत्तराखंड की सामाजिक वास्तविकताओं पर आधारित एक संवेदनशील कहानी है। यह फिल्म पलायन, पारिवारिक जिम्मेदारियों, संघर्ष और भाग्य की अनिश्चितताओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है। साथ ही, यह पहाड़ की संस्कृति, जीवनशैली और मानवीय भावनाओं को दर्शाते हुए दर्शकों से गहरा जुड़ाव स्थापित करती है।

​वीडियोज अलार्म: उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत का डिजिटल मंच

​”निखण्यां जोग” की डिजिटल रिलीज़ के साथ ही ‘वीडियोज अलार्म’ एक बार फिर चर्चा में है। Coloured Checkers Films & Entertainment Pvt. Ltd. द्वारा संचालित इस प्लेटफॉर्म को उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल पहचान देने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। यह मंच गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी भाषाओं की फिल्मों, संगीत, लोक संस्कृति और वृत्तचित्रों (documentaries) को एक ही जगह उपलब्ध करा रहा है।

​नारा: “अपनी बोली, अपना स्वैग”

​पहुंच: यह प्लेटफॉर्म Android, iOS और Android TV पर उपलब्ध है, जिससे दुनिया भर में बसे उत्तराखंडी कहीं भी अपनी संस्कृति से जुड़ सकते हैं।

​शुल्क: मात्र ₹99 की वार्षिक सदस्यता (Annual Subscription)।

​अन्य उपलब्ध फिल्में: प्लेटफॉर्म पर “निखण्यां जोग” के अलावा शहीद, रतब्याण, धर्ती म्यार कुमाऊं की और मीठी मां कु आशीर्वाद जैसी चर्चित क्षेत्रीय फिल्में भी देखी जा सकती हैं।

​”हमारा उद्देश्य संस्कृति को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाना है”

​इस अवसर पर वीडियोज अलार्म के सेल्स हेड, गोपाल सिंह बिष्ट ने कहा:

​”हमारा उद्देश्य केवल मनोरंजन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उत्तराखंड की भाषा, संस्कृति और लोक पहचान को डिजिटल माध्यम से नई पीढ़ी और वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाना है। आज के व्यस्त जीवन में हर व्यक्ति के लिए सिनेमाघर तक पहुंचना संभव नहीं हो पाता। ऐसे में वीडियोज अलार्म दर्शकों को घर बैठे, अपनी सुविधा के अनुसार क्षेत्रीय सामग्री का आनंद लेने का अवसर देता है। ‘निखण्यां जोग’ जैसी फिल्मों की OTT रिलीज़ क्षेत्रीय सिनेमा को नई संभावनाएं प्रदान करेगी और स्थानीय कलाकारों व फिल्म निर्माताओं के लिए एक मजबूत डिजिटल मंच तैयार करेगी।”

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