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सुनील दत्त की 97वीं जयंती पर भावुक हुए संजय और प्रिया दत्त, सोशल मीडिया पर साझा कीं यादें

सुनील दत्त की 97वीं जयंती पर भावुक हुए संजय और प्रिया दत्त, सोशल मीडिया पर साझा कीं यादें

​मुंबई। दिग्गज अभिनेता और राजनेता स्वर्गीय सुनील दत्त की 97वीं जयंती के मौके पर उनके बच्चों, अभिनेत्री व राजनेता प्रिया दत्त और अभिनेता संजय दत्त ने सोशल मीडिया पर बेहद भावुक पोस्ट साझा कर अपने पिता को याद किया। दोनों ने अपने पिता से मिले संस्कारों, मूल्यों और उनकी यादों को फैंस के साथ साझा किया।

​प्रिया दत्त ने इंस्टाग्राम पर सुनील दत्त की पुरानी तस्वीरों का एक खूबसूरत वीडियो कोलाज शेयर करते हुए लिखा, “हैप्पी बर्थडे, पापा! कुछ लोग ऐसे होते हैं, जिनकी मौजूदगी कभी हमसे दूर नहीं होती, चाहे कितना भी समय बीत जाए। आपकी मेरी जिंदगी में वैसी ही मौजूदगी है। आपने मुझे जो भी सिखाया, जिन मूल्यों को अपनाया और आपकी दयालुता के जो भी काम मैंने देखे, वे सब आज भी मुझे हर दिन राह दिखाते हैं। अब और हमेशा के लिए।”

​प्रिया ने आगे लिखा कि वे न सिर्फ अपने पिता की शानदार जिंदगी का जश्न मना रही हैं, बल्कि उस प्यार, दया और इंसानियत का भी सम्मान करती हैं, जिसे उन्होंने दुनिया के साथ दिल खोलकर बांटा। उन्होंने कहा कि वे अपने पिता को बहुत याद करती हैं, लेकिन उनके साथ बिताए हर पल और यादों के लिए हमेशा आभारी और गौरवान्वित महसूस करती हैं।

​संजय दत्त ने भी बयां किया अपना दर्द

​इसी खास मौके पर अभिनेता संजय दत्त ने भी एक भावुक पोस्ट के जरिए अपने पिता को नमन किया। संजय दत्त ने पिता के साथ अपनी पुरानी प्यारी यादों को साझा करते हुए कहा कि वे हर दिन अपने पिता सुनील दत्त को याद करते हैं और उनकी सीख हमेशा उनके साथ रहती है।

​भारतीय सिनेमा और राजनीति के ‘महानायक’ थे सुनील दत्त

​सुनील दत्त भारतीय सिनेमा और समाज सेवा के क्षेत्र में एक बेहद सम्मानित नाम रहे हैं।

​फिल्मी सफर: उन्होंने बॉलीवुड में अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत फिल्म ‘रेलवे प्लेटफॉर्म’ से की थी। इसके बाद उन्होंने ‘मदर इंडिया’, ‘साधना’, ‘मुझे जीने दो’, ‘वक्त’, ‘पड़ोसन’, ‘हमराज’ और ‘रेशमा और शेरा’ जैसी कई कल्ट और सुपरहिट फिल्मों में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया।

​राजनीति और समाज सेवा: अभिनय के अलावा उन्होंने समाज सेवा और राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाई। वे पांच बार लोकसभा सांसद चुने गए और केंद्र सरकार में खेल एवं युवा मामलों के मंत्री भी रहे।

​बता दें कि इस महान शख्सियत का 25 मई 2005 को 75 वर्ष की आयु में मुंबई स्थित उनके आवास पर दिल का दौरा (हार्टअटैक) पड़ने से निधन हो गया था, लेकिन उनकी विरासत आज भी उनके फैंस और परिवार के दिलों में जिंदा है।

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